लखनऊ. अखिलेश यादव ने ट्रैफिक नियमों के नाम पर हो रही वसूली को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने इस वसूली को उगाही करार देते हुए कहा है कि भाजपा ने अब लूटने का नया तरीका निकाला है. अखिलेश ने एक्स पर लिखा कि ‘जाते-जाते भाजपा सरकार हर तरह से पैसे कमाने में लगी है. ट्रैफिक पुलिस से सरेआम उगाही करवा रही भाजपा सरकार ने अब AI के नाम पर लूटने का नया तरीका निकाला है. भाजपाइयों के लिए AI का मतलब ‘आमदनी Income’ है.

जाम लगने के कई कारण होते हैं, जिसमें :

  • सड़क की दशा
  • ⁠सड़क की चौड़ाई
  • ⁠सिग्नल की दशा
  • ⁠नाकाबंदी
  • ⁠रास्तों में बदलाव
  • ⁠वन वे की कमी
  • ⁠डिवाइडर की दशा
  • ⁠जल भराव व्यवधान
  • ⁠ट्रैफ़िक नियमों का उल्लंघन
  • ⁠ट्रैफ़िक पुलिस की ख़राब कार्य दशाएं
  • ⁠⁠ट्रैफ़िक पुलिस के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी
  • ⁠ड्राइवरों पर मालिकों/सवारियों का दबाव
  • ⁠गाड़ियों की फिटनेस
  • ⁠जन शिक्षण-प्रशिक्षण
  • ⁠मानसिक स्वास्थ्य
  • ⁠समय पर पहुँचने का दबाव
  • व्यग्रता
  • ⁠आक्रोश
  • ⁠मौसम ⁠
  • इत्यादि…’

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अखिलेश ने आगे लिखा कि ‘सबसे बड़ी बात तो सरकार की इच्छाशक्ति की होती है. पैसे कमाने के लिए बनी भाजपा सरकार कभी नहीं चाहती है कि जनता ट्रैफिक नियमों का पालन करे, इसीलिए चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस नहीं मिलती है बल्कि चौराहों से आगे किसी मोड़ पर आड़ लेकर छुपी रहती है और लोगों के ट्रैफिक नियमों को तोड़ने का इंतजार करती रहती है, जिससे चालान का दबाव बनाकर उनसे वसूली की जा सके और ’ऊपरवालों’ से मिला टारगेट पूरा हो सके.’

अखिलेश ने आगे लिखा कि ‘अब तो उगाही-वसूली डिजिटल पेमेंट के माध्यम से किसी और के खाते में लेने की प्रथा शुरू हो गई है, जिससे साक्षात् पकड़े जाने का डर भी नहीं रहा. रही बात सीसीटीवी की तो उसकी रिकॉर्डिंग भी तो तब ही मिलती है जब सरकार किसी को फंसाना चाहती है नहीं तो ‘तकनीकी खराबी’ का बहाना बनाकर मामला रफा-दफा कर दिया जाता है. जनता भाजपाई भ्रष्टाचार से उकता कर इस बार ‘भाजपाई लाइसेंस’ को हमेशा के लिए रद्द कर देगी. भाजपा जाए तो गाड़ी आगे बढ़ पाए.’