लखनऊ. एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी को लेकर अखिलेश यादव ने एक बार फिर सरकार पर निशाना साधा है. इस बार उन्होंने अस्पतालों में मरीज के लिए बनने वाले खाने को लेकर शासन को घेरा है. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट साझा कर लिखा है कि ‘अब भाजपा सरकार कहेगी कि ये भी अफवाह है कि अस्पताल में मरीजों का खाना बनने तक के लिए सिलेंडर नहीं मिल रहा है. दरअसल भाजपा की मानसिकता ही बीमार है, उससे अस्पताल के मरीजों का ख्याल रखने की उम्मीद करना बेकार है. अब तो ऐसा लग रहा है कि उप्र ‘शासन-शून्य’ हो गया है और सत्ता के शीर्ष पर अराजकता विराजमान है. निंदनीय!’
बता दें कि अखिलेश यादव एलपीजी गैस को लेकर देश और प्रदेश में बनी स्थिति को लेकर सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं. बीते कुछ दिन पहले ही उन्होंने भाजपा पर वार करते हुए कहा था कि भारतीय जनता पार्टी के लिए कम्युनल एजेंडा सूट करता है सेक्युलर होना मुश्किल है. भाजपा ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी का संविधान और आरक्षण छीना है. वहीं विदेश नीति को लेकर कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार की विदेश नीति फेल है. देश की एनर्जी सिक्योर्रिटी, एलपीजी सब विदेश नीति से जुड़े हैं. सरकार को युद्ध के खिलाफ आवाज उठाना था. युद्ध के खिलाफ खड़े होना था. भारत से शांति का संदेश जाना था.
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अखिलेश ने आगे कहा था कि उत्तर प्रदेश के लोगों ने उत्तर प्रदेश का नया नाम निकाला है, लापता गैस. हमने विश्वगुरु बनने का मौका भी खो दिया. एलपीजी रसोई गैस की किल्लत अब जानलेवा हो रही है. फर्रुखाबाद में गैस सिलेंडर की लाइन में लगे बुज़ुर्ग की मौत हो गई. गाजीपुर में गैस सिलेंडर के लिए धूप में खड़े बुजुर्ग बेहोश हो गए. देश के अन्य राज्यों में भी घटनाएं सामने आ चुकी है. गैस के लिए लंबी-लंबी लाइन लगी है. आम जनता परेशान है. गैस न मिलने से शहरों में चाय-समोसा से लेकर होटल तक की बड़ी संख्या में दुकाने बंद हो गई है. इन दुकानों को चलाने वाले बेरोजगार हो गए हैं. यह रसोई गैस संकट भाजपा सरकार की नाकामी के चलते पैदा हुई है. बुजुर्ग की मौत और गैस की किल्लत के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार हैं.
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