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लखनऊ. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को डॉ. कफील की किताब ‘गोरखपुर अस्पताल त्रासदी’ का विमोचन किया. यह कार्यक्रम सपा कार्यालय में हुआ.

डॉ. कफील ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह किताब गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत पर लिखी गई है. इस किताब में सरकार के वे सारे झूठ सामने लाए गए हैं. जिसे उन्होंने छिपाया है. किस तरीके से ऑक्सीजन की कमी हुई थी. सरकार ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जापानी बुखार के नाम तक को बदल दिया है. किताब लिखने का मेरा उद्देश्य उन 80 से ज्यादा बच्चों को न्याय दिलाना है, जो ऑक्सीजन की कमी से तड़प कर मर गए. डॉ. कफील ने कहा, “मैंने वो सभी लेटर किताब में लिखे हैं जिस पर बताया जा रहा था कि ऑक्सीजन की कमी नहीं थी. मुख्यमंत्री तक को लेटर लिखा गया था, लेकिन किसी ने कोई संज्ञान नहीं लिया. मुझे आरोपी बनाते हुए जेल भेजा गया. मैं जेल में था. जेल के उस सिस्टम के बारे में भी लिखा है कि किस तरीके से जेल के अंदर दो तरीके का सिस्टम चलता है. अगर आप गरीब हों तो आपके साथ अलग व्यवहार किया जाएगा. अगर आप मंत्री या विधायक हैं तो अलग व्यवहार किया जाएगा.”

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बता दें कि गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज साल 2017 में अचानक सुर्खियों में आया था. मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के कारण 80 बच्चों की मौत की बात सामने आई. यह घटना जब हुई तो कफील बीआरडी अस्पताल में वार्ड सुपरिटेंडेंट थे. घटना के बाद कंपनी की ओर से यह दलील दी गई थी कि पिछले कई महीने से भुगतान नहीं मिलने के चलते ऑक्सीजन के सिलेंडर की सप्लाई बंद करनी पड़ी थी. इस केस में आरोपी डॉ. कफील को यूपी एसटीएफ ने लखनऊ से गिरफ्तार किया था. योगी सरकार के आदेश पर लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में केस दर्ज किया गया था. प्रमुख सचिव खनिज और भूतत्व विभाग की अगुवाई में हुई जांच के बाद डॉक्टर कफील पर लगाए गए आरोपों में सच्चाई नहीं पाई गई थी. अभी तक की जांच में डॉ. कफील पर लगाए गए सभी आरोप गलत पाए गए. जांच की रिपोर्ट बीआरडी अधिकारियों ने कफील को दी. सितंबर-2019 में गोरखपुर ऑक्सीजन कांड में निलंबित डॉ. कफील खान को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया था.

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