लखनऊ. अखिलेश यादव ने एक बार फिर एलपीजी संकट को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने डिप्टी सीएम के बयान को लेकर कहा कि ‘उत्तर प्रदेश के भाजपाई डिप्टी सीएम के बयान से ये साबित हो गया है कि सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी भाजपाई ही कर रहे हैं. डिप्टी CM का दावा है कि ‘जिसके यहां सिलेंडर न हो वो हमारे यहां सूचना भेज दे, हम सिलेंडर भिजवा देंगे’. इस संदर्भ में आग्रह है कि वो अपना फोन नंबर सोशल मीडिया पर डाल दें या अपने घर, कार्यालय या फिर सीधे अपने जमाख़ोरीवाले अंडरग्राउंड गोदाम का पता ही दे दें.’

अखिलेश ने कुछ सवाल किया है. उन्होंने पूछा कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी और सेवा का दावा करनेवाले भाजपाई और उनके संगी-साथी अब कहां नदारद हैं? गैस और तेल की लाइन में लगे लोगों को समझाने और सिलेंडर व तेल दिलवाने के लिए वो गले में भाजपा का पट्टा और गाड़ियों पर भाजपा का झंडा लगाकर क्यों नहीं निकल रहे हैं? वो ‘स्टूल’ लगाकर गैस एजेंसी और पेट्रोल पंपों के आगे क्यों नहीं बैठ जाते?

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अखिलेश ने आगे कहा कि सच तो ये है कि भाजपाई और उनके संगी-साथी हमेशा की तरह भूमिगत हो गए हैं. जब भाजपाई कहते हैं कि ‘आपदा में अवसर’ होता है तो इसका मतलब और क्रोनोलॉजी समझिए- पहले लोगों को परेशान करो, संकट है संकट है’ का प्रचार करो, जितना हो सके भय पैदा करो, कमी-किल्लत को लगातार बढ़ाओ, लंबी-लंबी लाइन लगवाओ, लाइन में झगड़े करवाओ, आस्तीनी मीडिया से दुष्प्रचार करवाओ, आनेवाले दिनों की किल्लत बताओ, कमी के लिए किसी और को दोषी ठहराओ, लोग डरकर सामान के लिए भागेंगे, जब जनता आए तो दाम बढ़ा दो, ऐसे में संकट को आपदा बताओ, डरे हुए लोगों को और डराओ, फिर दाम कई गुना और बढ़ा दो, पिछले दरवाजे से सप्लाई करवाओ, कालाबाजारी करके बेतहाशा पैसे कमाओ.

अखिलेश ने कहा कि दरअसल भाजपाई और उनके संगी-साथियों के लिए ‘अवसर’ का असली मतलब है : कालाबाजारी करके अकूत दौलत कमाना. भूख और धूप से तस्त्र लोग भाजपा के महाझूठ से और भी अधिक क्रोधित हो रहे हैं. भाजपा की सोच ही काला-कारोबारी है. भाजपा हटाओ, सुख-चैन पाओ!