कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की राजनीति और सीमांचल के विकास को लेकर AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान ने गृह मंत्री अमित शाह के दौरे पर अपनी बेबाक राय रखी है। उन्होंने न केवल क्षेत्र की सुरक्षा और विकास का मुद्दा उठाया, बल्कि राज्यसभा सीट को लेकर महागठबंधन के सामने एक बड़ी मांग भी पेश की है।
सीमांचल की सुरक्षा और सामरिक महत्व
अख्तरुल ईमान ने गृह मंत्री के सीमांचल दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि देश के गृह मंत्री होने के नाते उन्हें सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा का जायजा लेना ही चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमांचल सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण इलाका है। ईमान ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि विभाजन के समय यहां के पूर्वजों ने भारत में रहने का फैसला किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, हम चाहते तो करवट बदलकर बांग्लादेश जा सकते थे, लेकिन हमने अपने देश को चुना।
विकास की अनदेखी पर सवाल
विधायक ने गृह मंत्री को याद दिलाया कि केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि इस क्षेत्र का विकास भी केंद्र की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि गृह मंत्री अपने दौरे के दौरान यहां की बुनियादी समस्याओं और पिछड़ेपन को दूर करने के लिए ठोस योजनाओं पर भी ध्यान दें।
राज्यसभा सीट पर विपक्षी दलों को चुनौती
राजनीतिक गलियारे में हलचल पैदा करते हुए ईमान ने कहा कि AIMIM भले ही एक छोटी पार्टी है, लेकिन सांप्रदायिकता के खिलाफ उनकी लड़ाई किसी से कम नहीं है। उन्होंने राजद (RJD) और कांग्रेस जैसी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे खुद को धर्मनिरपेक्षता का बड़ा झंडाबरदार मानती हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि वे इसका प्रमाण दें।
उन्होंने स्पष्ट मांग रखी कि AIMIM का आज तक एक भी सदस्य राज्यसभा नहीं गया है, जबकि राजद और कांग्रेस के लोग बार-बार सदन पहुंचते हैं। ईमान ने कहा कि अगर विपक्षी दलों को लगता है कि सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने में AIMIM की भूमिका है, तो उन्हें उदारता दिखाते हुए इस बार राज्यसभा की सीट AIMIM के लिए छोड़नी चाहिए।
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