कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की राजनीति में अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान ने एक बार फिर नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने न केवल चुनावी कानूनी प्रक्रियाओं पर अपनी राय रखी, बल्कि बिहार में शराबबंदी की जमीनी हकीकत पर भी तीखा प्रहार किया।
न्यायालय का फैसला होगा सर्वमान्य
हाल ही में चुनाव को लेकर कुछ विधायकों को कोर्ट द्वारा जारी किए गए नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईमान ने कहा कि यह संबंधित विधायकों का निजी मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका की प्रक्रिया का सम्मान होना चाहिए और कोर्ट इस पर जो भी अंतिम फैसला सुनाएगी, वह सभी को स्वीकार्य और सर्वमान्य होगा।
शराबबंदी: होम डिलीवरी पर उठाए सवाल
शराबबंदी के मुद्दे पर अख्तरुल ईमान ने सरकार की विफलता पर बड़ा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हम सैद्धांतिक रूप से शराबबंदी का समर्थन करते हैं, लेकिन बिहार में इसका कार्यान्वयन पूरी तरह फेल है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से शराब का काला खेल फल-फूल रहा है।
अधिकारियों की चांदी, सरकार बेखबर
ईमान ने तंज कसते हुए कहा कि पहले शराब दुकानों में मिलती थी, लेकिन अब बिहार का बच्चा-बच्चा जानता है कि इसकी होम डिलीवरी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि इस अवैध व्यापार से अधिकारी मालामाल हो रहे हैं, जबकि सरकार सब कुछ जानते हुए भी अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त है। उनके अनुसार, शराबबंदी कानून केवल कागजों तक सीमित रह गया है और धरातल पर प्रशासन की मिलीभगत से भ्रष्टाचार का जरिया बन चुका है।
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