

अमर अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की एजेंसीज यदि जानकारी मांगती हैं, तो हम देते हैं। हाल ही में सर्विस टैक्स को लेकर जानकारी चाही गई थी, वाणिज्यिक कर विभाग की ओऱ से जानकारी साझा की गई थी।
सौ करोड़ टैक्स चोरी, सात करोड़ सरेंडर की पेशकश
इधर आयकर से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि पप्पू भाटिया के ठिकानों में मारे गए छापे में मिले दस्तावेजों की जांच में करीब सौ करोड़ रूपए की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। छापे के बाद से लगातार गायब रहे भाटिया कल अचानक रायपुर पहुंचे और उन्होने आईटी के सामने अपना बयान दर्ज कराया। कहा जा रहा है कि उन्होंने सात करोड़ रूपए सरेंडर करने की पेशकश की है।
आईटी डिपार्टमेंट के सूत्र इस बात की भी तस्दीक करते है कि छापे के बाद हुए पड़ताल में अब तक 12 से ज्यादा फर्जी कंपनियों के जरिए निवेश करनी की जानकारी सामने आई है। ये कंपनियां कोलकाता और रायपुर से संचालित की जा रही है।