अमेरिकी नेता निक्की हेली के बेटे नलिन हेली के एक बयान ने भारत-अमेरिका के रिश्तों पर बहस छेड़ दी है. नलिन ने भारत को अमेरिका का ‘खराब सहयोगी’ बता दिया. नलिन हेली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि भारत अमेरिका को सस्ता श्रम भेजता है, ईरान से सस्ता तेल खरीदता है और रूस से हथियार लेता है, क्योंकि भारत की सरकार ‘सस्ती सोच’ वाली है. यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच महीनों की बातचीत के बाद एक बड़े व्यापार समझौते की संभावनाएं बन रही हैं.
अमेरिकी नेता निक्की हेली के बेटे नलिन हेली ने भारत को अमेरिका का ‘खराब सहयोगी’ बताया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं. यूजर्स ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति, भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और भारतीय-अमेरिकी समुदाय की भूमिका को समझाते हुए नलिन को जियोपॉलिटिक्स का सबक पढ़ाया.
नलिन हेली का यह बयान एक पुराने वीडियो के जवाब में आया. यह वीडियो 2023 का है, जिसमें अमेरिकी नेता विवेक रामास्वामी चीन से दूरी बनाने और भारत के साथ रणनीतिक रिश्ते बढ़ाने की बात कर रहे थे. यह वीडियो हाल ही में फिर से वायरल हुआ, क्योंकि अमेरिका में मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA) समर्थकों का एक धड़ा विवेक रामास्वामी के ओहायो गवर्नर चुनाव अभियान को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है.
हालांकि नलिन हेली किसी सरकारी पद पर नहीं हैं, लेकिन वह खुद को MAGA समर्थक आवाज के रूप में पेश करते हैं और निक्की हेली के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में भी सक्रिय रहे हैं. उनकी पहचान सोशल मीडिया पर तीखे और उकसाने वाले पोस्ट्स के लिए भी रही है.
नलिन हेली के बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी क्लास लग गई. भारतीय यूजर्स ने उन्हें जियोपॉलिटिक्स की बुनियादी समझ न होने का आरोप लगाया. एक अमेरिकी यूजर ने लिखा कि भारत कभी भी अमेरिका का ‘Ally’ (मित्र) रहा ही नहीं है. भारत की विदेश नीति किसी के साथ औपचारिक गठबंधन की इजाजत नहीं देती. भारत सिर्फ रणनीतिक साझेदारी करता है, और यह बात अमेरिकी विदेश मंत्रालय अच्छी तरह समझता है, लेकिन सोशल मीडिया पर शोर मचाने वालों को इसका ज्ञान नहीं.
एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, ‘अगर भारतीय सस्ता श्रम हैं, तो फिर बाकी अमेरिकी क्या हैं?’ इस पोस्ट के साथ एक ग्राफ भी साझा किया गया, जिसमें दिखाया गया कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय अमेरिका की सबसे अधिक औसत पारिवारिक आय वाली कम्युनिटीज में शामिल है.
एक भारतीय यूजर ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि अमेरिका को पहले खुद को आईने में देखने की जरूरत है, क्योंकि वही अमेरिका रूस से यूरेनियम खरीदता रहा है. एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, ‘अगर भारतीय सस्ता श्रम हैं, तो फिर बाकी अमेरिकी क्या हैं?’
एक अन्य भारतीय यूजर ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि अमेरिका खुद रूस से यूरेनियम खरीदता है, ऐसे में भारत पर नैतिकता का सवाल उठाना दोहरे मापदंड दिखाता है. कुछ यूजर्स ने नलिन हेली को ABCD यानी ‘अमेरिकन बॉर्न कनफ्यूज्ड देसी’ बताया. इसके साथ ही कहा कि सिलिकॉन वैली से लेकर अमेरिकी टेक इंडस्ट्री तक जिस ‘सस्ते श्रम’ की बात की जा रही है, वही भारतीय प्रोफेशनल अमेरिकी कंपनियों और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को सबसे ज्यादा फायदा पहुंचा रहे हैं.
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