खाड़ी देशों में युद्ध से मची बड़ी तबाही के बीच इजरायल और अमेरिका ने आज ईरान के न्यूक्लियर प्लांट नतांज पर हमला कर दिया है। अब इजरायल ने दावा किया है कि हमने ये हमला नहीं किया, अमेरिका ने इसे अंजाम दिया है। अब ईरान ने अमेरिका को बड़ी चेतावनी दी है। मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर है. ईरान के सबसे सुरक्षित और संवेदनशील माने जाने वाले नतांज परमाणु केंद्र (Natanz Nuclear Facility) पर एक भीषण हमला हुआ है.

आईडीएफ का कहना है कि नतान्ज़ पर हमला अमेरिका ने किया, इजराइल ने नहीं। आईडीएफ (IDF – Israel Defense Forces) ने कहा कि आज सुबह ईरान के नतान्ज़ यूरेनियम संवर्धन संयंत्र (Iran’s Natanz uranium enrichment plant) पर हमला अमेरिका ने किया, इजराइल ने नहीं।

आईडीएफ ने कहा कि उसने इस क्षेत्र में कोई हमला नहीं किया और युद्ध के दौरान अमेरिकी गतिविधियों पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा। इससे पहले, कान न्यूज़ ने एक सूत्र के हवाले से बताया था कि अमेरिका ने परमाणु संयंत्र को निशाना बनाने के लिए बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया था।

ईरान के तसनीम अखबार ने एक सैन्य सूत्र का हवाला देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका खारग द्वीप पर हमला करता है तो उसे अभूतपूर्व प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि वाशिंगटन द्वीप को सुरक्षित करने में असमर्थ होगा और उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसमें यह भी कहा गया है कि बाब अल-मंडेब और लाल सागर में सुरक्षा व्यवस्था को बाधित करना उन विकल्पों में से एक है जिन पर विचार किया जा रहा है।

युद्ध के पहले सप्ताह में भी अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान के मुख्य परमाणु केंद्र नतांज पर हमला किया गया था. सैटेलाइट तस्वीरों में यहां कई इमारतें छतिग्रस्त नजर आई थीं. बता दें कि तेहारान से इस परमाणु संयंत्र की दूरी करीब 220 किलोमीटर है. जून 2025 में भी 12 दिनों के संघर्ष के दौरान इजरायल और अमेरिका ने इसको निशाना बनाया था.

इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने कहा, “इस सप्ताह ईरानी आतंकवादी शासन और उसके आधारभूत ढांचों पर किए जाने वाले हमलों की तीव्रता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, और अभियान जारी रहेगा। हम ईरानी आतंकवादी शासन के विरुद्ध हमला जारी रखने, उसके कमांडरों का सिर कलम करने और उसकी रणनीतिक क्षमताओं को विफल करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं, जब तक कि इस क्षेत्र में इजरायल और अमेरिकी हितों के लिए सभी सुरक्षा खतरों को समाप्त नहीं कर दिया जाता।”

दरअसल, नतांज परमाणु केंद्र दुश्मनों के लिए हमेशा से टारगेट रहा है. साल 2025 से अब तक इस साइट को कई बार निशाना बनाया जा चुका है. हर बार यहां के ढांचे और मशीनों को नुकसान पहुंचता है, लेकिन गनीमत यह रही है कि अब तक पर्यावरण को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है. आपको बताते चले कि पिछले साल जून में इजरायल और ईरान के बीच जो 12 दिनों का भीषण युद्ध चला था, उसमें भी नतांज ही मुख्य टारगेट था. उस समय अमेरिका भी सीधे तौर पर इस संघर्ष का हिस्सा बन गया था. अब एक बार फिर इसी जगह पर बमबारी होना यह संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट के हालात और भी ज्यादा विस्फोटक हो सकते हैं.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m