खाड़ी देशों पर ईरान के हमले के बीच कतर और तेहरान में एक साइलेंट डील की चर्चा है. इस डील का तुरंत 3 असर भी खाड़ी में देखने को मिल रहा है. इसके तहत पहली बार कतर ने आधिकारिक तौर पर ईरान के जंग से खुद को अलग कर लिया है. इतना ही नहीं, कतर ने एक बयान में अमेरिका-ईरान के बीच किसी भी तरह की मध्यस्थता नहीं करने की बात कही है. ईरान ने भी 20 मार्च के बाद कतर पर कोई हमला नहीं किया है. इजराइली मीडिया के दावे के मुताबिक कतर ने ईरान को 6 बिलियन डॉलर देने की पेशकश की है.

कतर पर 20 मार्च के बाद से ईरान ने कोई बड़ा हमला नहीं किया है. दूसरी तरफ कतर ने 2 बयानों के जरिए यह साफ कर दिया है कि जंग में वो ईरान के खिलाफ नहीं है.

इजराइली वेबसाइट JFeed के मुताबिक कतर और ईरान के बीच एक समझौता हुआ है. इसके तहत अगर ईरान कतर के तेल और गैस ठिकानों पर हमला नहीं करता है तो उसे 6 बिलियन डॉलर दिए जाएंगे. दरअसल, यह पैसा 2023 में अमेरिका ने कतर को दिया था. उस वक्त ईरान ने कुछ अमेरिकी कैदियों को छोड़ा था, जिसके एवज में यह पैसा ईरान को मिलना था, लेकिन बाद में कतर इससे मुकर गया.

अब इस डील के तहत कतर से ईरान को ये सभी पैसे मिलेंगे. ये पैसे सीधे ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प को दिए जाएंगे. ईरान की तरफ से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ही पूरे जंग को लीड कर रही है. डील का 3 असर तुरंत ही प्रभावी ढंग से दिखने लगा-

कतर के विदेश मंत्री ने अपने एक बयान में कहा कि हम ईरान और अमेरिका जंग में कोई मध्यस्थता नहीं करेंगे. क्योंकि, अमेरिका ईरान को यह भरोसा नहीं दिला पा रहा है कि उससे बात क्यों की जाए? मिडिल ईस्ट में कतर को सबसे शीर्ष मध्यस्थ माना जाता है. कतर ने ही अमेरिका को अफगानिस्तान के साथ डील कराया था. उस वक्त तालिबान और अमेरिका के बीच दोहा में समझौता हुआ था.

कतर सरकार ने एक बयान जारी कर कहा कि यह युद्ध कतर और ईरान का नहीं है. कतर किसी भी सूरत में ईरान पर हमला नहीं करेगा. जंग में अमेरिका की कोई मदद नहीं करेगा. क्योंकि, यह जंग इजराइल के लिए लड़ा जा रहा है. कतर ने जंग से खुद को अलग-थलग कर लिया है.

20 मार्च के बाद ईरान ने कतर पर कोई बड़ा हमला नहीं किया है. कतर पर आखिरी बार ईरान ने रास लफान पर बड़ा हमला किया था. इसके बाद से उसके इनर्जी ठिकानों पर अटैक नहीं कर रहा है. हालांकि, उस पर क्यों अटैक नहीं हो रहा है, इसको लेकर ईरान ने कुछ नहीं कहा है.

ईरान ने जंग में कतर के एलएनजी ठिकानों ज्यातादर हमले किए. कतर इनर्जी के मुताबिक उसके प्रोडक्शन में इससे 17 प्रतिशत की कमी आ सकती है. कतर भारत और चीन जैसे देशों को गैस सप्लाई करता है. अमेरिका भी कतर से गैस खरीदता है. ईरान के अटैक से कतर के 4 नागरिकों की अब तक मौत हुई है. 16 घायल हुए हैं.

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