पटना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 फरवरी से बिहार के तीन दिवसीय (25-27 फरवरी) दौरे पर रहेंगे। इस प्रवास के दौरान उनका मुख्य केंद्र राज्य के सीमावर्ती जिले किशनगंज और अररिया होंगे। बिहार सरकार के मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल और विधायक मिथिलेश तिवारी के अनुसार, अमित शाह की ‘टॉप प्रायोरिटी’ में बिहार की सुरक्षा और घुसपैठ जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं।

​सीमावर्ती सुरक्षा की हाई-लेवल समीक्षा

​अमित शाह इस दौरे में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण करेंगे। उच्च स्तरीय बैठकों में मुख्य रूप से इन
बिंदुओं पर चर्चा होगी:
​निगरानी तंत्र: अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर घुसपैठ और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और सख्त बनाना।
​एजेंसी समन्वय: केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बिठाना।
​तकनीकी विस्तार: सीमा सुरक्षा में आधुनिक तकनीक और उपकरणों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना।

​वाइब्रेंट विलेज और विकास का जायजा

​सुरक्षा के साथ-साथ गृह मंत्री केंद्र की वाइब्रेंट विलेज योजना की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे। इसका उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचे, जैसे सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना है। सूत्रों के मुताबिक, शाह कुछ चुनिंदा गांवों में स्थानीय लोगों से सीधा संवाद कर सकते हैं ताकि योजनाओं का जमीनी फीडबैक लिया जा सके।

​रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दौरा

​किशनगंज और अररिया जैसे संवेदनशील जिलों पर केंद्रित यह दौरा केवल प्रशासनिक समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीमावर्ती क्षेत्रों के सशक्तिकरण और विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। गृह मंत्री का यह प्रवास सरकारी मशीनरी को सक्रिय करने और सुरक्षा तंत्र को नई धार देने के उद्देश्य से अत्यंत महत्वपूर्ण है।