असम के गुवाहाटी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कभी-कभी वह (राहुल गांधी) संसद के दरवाजे पर बैठकर चाय और पकौड़े खाते हैं. क्या उन्हें यह एहसास नहीं है कि नाश्ता करने के लिए सही जगह कौन सी है? केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि संसद हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी संस्था है. वहां बैठकर विरोध प्रदर्शन करना भी एक लोकतांत्रिक तरीका नहीं है. लेकिन, आप तो विरोध प्रदर्शन से भी दो कदम आगे निकल गए हैं.

अमित शाह ने कहा कि आप चाय और पकौड़े खा रहे हैं. यह पूरी दुनिया में भारत को बदनाम करने जैसा है. आज इस मंच से मैं उन दोनों घटनाओं की कड़ी निंदा करना चाहता हूं, जो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के इशारे पर और संसद में उनकी अपनी भागीदारी के साथ हुईं. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि देश में कोई भी इस तरह की हरकतों का समर्थन करेगा.

‘संसद में विपक्ष नहीं बोलते’

अमित शाह ने कहा कि विपक्ष हमारे खिलाफ है. हमारा विरोध करें, जितना चाहें उतना विरोध प्रदर्शन करें. आप संसद में बोलते नहीं हैं. आप भाग जाते हैं और जहां पूरी दुनिया से लोग भारत की ताकत देखने आए हैं, भारत के युवाओं की क्षमता देखने आए हैं. वहां आप उनकी संभावनाओं को कम कर रहे हैं. भारत की जनता आपको माफ नहीं करेगी.

युवाओं को दी एक लाख से ज्यादा नौकरियां

उन्होंने कहा कि युवाओं को जो नौकरी मिली है, किसी को क्या 25 पैसे का भी घूस देना पड़ा है क्या? बिना पर्ची, बिना खर्ची एक लाख 65 हजार युवाओं को हमारी सरकार ने नौकरी दी, जिस पर एक भी कोर्ट केस नहीं हुआ है. भारतीय जनता पार्टी किस प्रकार से सरकार चलाती है ये इसका नमूना है. उन्होंने कहा कि 10 साल तक बीजेपी की सरकार बनी. हमने युवाओं के भविष्य को बनाने के लिए अनेकों काम किया.