लक्ष्मीकांत बंसोड़, बालोद. ग्रामीणों की सांसे उस वक्त थम गई, जब सुबह-सुबह लोगों की नींद खुली और घरों के सामने उन्होंने एक कठपुतली, नींबू बंधन, पीला चावल सहित अन्य वस्तुएं देखी. इससे गांव में तनाव और डर का माहौल है. लोग घरों से ही नहीं निकले. यह बात पूरे गांव में फैली तब लोग एक जगह इकट्ठे हुए. ग्रामीणों ने थाने में मामले की शिकायत की है. पूरा मामला बालोद जिले के अंगारी गांव का है.
दरअसल सावन का महीना है और कहा जाता है कि इस महीने में राक्षसी ताकतें अपने चरम पर होती है. कुछ इसी बात को लेकर इस गांव के लोग सहमे हुए हैं. ग्रामीण एक जगह इकट्ठे हुए और इसका तोड़ निकालने के बारे में सोच रहे हैं. बात अब थाने तक भी पहुंच चुकी है. लोग थाने में पूरे मामले की जानकारी देने पहुंचे हैं. सावन के महीने में लोग इस बात को लेकर काफी भयभीत हैं कि आखिर ऐसा कृत्य किसने किया है और क्यों किया है.


क्या कहते हैं ग्रामीण
गांव के पटेल हेमंत कुमार सिन्हा ने बताया कि यह जो भी है उससे हम लड़ नहीं सकते इसलिए हम थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराने जा रहे हैं. जहां से सब पानी भरते हैं उस जगह पर भी काले जादू का सामान रखा गया है. यह किसके द्वारा किया गया है कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन ग्रामीण इस करतूत से सहमे हुए हैं. ईश्वर से उम्मीद लगाए बैठे हैं.
गांव के वरिष्ठ नागरिक जागेश्वर पटेल ने बताया कि घरों के आगे कटा नींबू और पुतली मिले हैं, जिसके बाद से लोगों के भय का ठिकाना ना रहा. मुख्य द्वार छोड़कर कोई पीछे के रास्ता तो कोई पर्दा कूदकर घर से बाहर निकले हैं. अब गांवभर के लोग एक जगह इकट्ठा हुए हैं तब हमने राहत की सांस ली है. हम किसी तरह इस समस्या से निपटने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह तो एक अदृश्य शक्ति है. किसने यह कृत्य किया हम यह भी नहीं जानते. इसके लिए सबसे पहले हम थाने में शिकायत दर्ज करा रहे हैं. आगे जो भी होगा वह भगवान भरोसे हम छोड़कर रखे हुए हैं.

किसी व्यक्ति की शरारत हो सकती है, अंधविश्वास में न पड़ें : दिनेश मिश्रा
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्रा ने कहा, ये किसी व्यक्ति की शरारत हो सकती है. जादू-टोना जैसी कोई बात नहीं होती है. ग्रामीण अंधविश्वास में न पड़ें. जांच में सामने आ जाएगा कि किसने घरों के सामने नींबू, चावल समेत अन्य सामान को रखा है. ये सभी वस्तुएं हमारे दैनिक जीवन में काम आता है. डरने की कोई बात नहीं है.
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