मयूरभंज : एक बुजुर्ग महिला ने अपने ही पोते को 200 रुपये में बेच दिया। उनके लिए सिर टिकाने की कोई जगह नहीं है। कभी-कभी उन्हे बस स्टैंड पर सोना पड़ता है तो कभी सोफे पर। जीवित रहने के लिए हर पल संघर्ष करना पड़ता है। ऐसी ही लाचारी भरी हालत में जी रही एक बुजुर्ग महिला ने अपने पोते को 200 रुपए में बेच दिया।
मैं भूख बर्दाश्त नहीं कर सकती, मैं अपने पोते की पीड़ा भी नहीं देख सकती। मैं अपने पोते के पेट में एक दाना भी नहीं भर सकता। इसी बजह से मयूरभंज जिले के मोराडा ब्लॉक के अंतर्गत बलदिया गांव के गरीब मंद हेम्ब्रम अपने पोते को बेच दिया है । उनकी पति बहुत समय पहले मर चुका है। चूंकि उनकी ससुराल में घर नहीं थी, इसलिए वे 2008 से रसगोबिंदपुर प्रखंड की छतना पंचायत के रायपाल गांव में अपनी छोटी बहन और बहिनोइ के घर में रह रहे थे।

इसलिए, मंद अपने पांच साल के पोते को गोद में लेकर इधर-उधर घूम रही थी। पेट भरने के लिए भीख मांग कर बस स्टैंड पर रहती थी। जब कोई दयालुता दिखाता और उसे भोजन देता, तो वह उसे स्वयं भी खा लेता और अपने पोते को भी देती थी ।अपने पोते की पीड़ा देखकर मंदा को सहन नहीं हो रहा था।
मंदा हेम्ब्रम ने रोते हुए कहा “एक आदमी बार-बार मुझसे मिलने आता था और कहा कि उसका कोई संतान नहीं है। इसी कारण में अपने पोते के अच्छी देखभाल के लिए उसे बेच दिया। उसके बदले वो आदमी मुझे 200 रुपये दिया और उसका फोन नंबर भी मुझे कागज में लिख के दिया ।”
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