भुवनेश्वर : पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में श्रीमंदिर की कानून व्यवस्था पर चर्चा के लिए मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक डॉ. अरबिंद कुमार पाढी ने मीडिया को बताया कि मौजूदा कानून में कठोर दंड का प्रावधान नहीं है, इसलिए राज्य सरकार को मंदिर अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव दिया जाएगा।
प्रस्ताव में चार प्रमुख बिंदु शामिल हैं :
- मंदिर परिसर में जानबूझकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर सजा होगी, और वर्तमान 1000 रुपये के जुर्माने को बढ़ाया जा सकता है।
- महाप्रभु जगन्नाथ की सांस्कृतिक गरिमा का जानबूझकर उल्लंघन करने या सोशल मीडिया पर भक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली सामग्री पोस्ट करने पर कड़ी सजा दी जाएगी, जिसमें 7 साल तक के गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट भी शामिल हैं।
- मंदिर के ऊपर अनाधिकृत रूप से ड्रोन उड़ाने वालों पर कड़ी सज़ा और गैर-ज़मानती वारंट (NBW) जारी किए जाएँगे।
- मंदिर प्रबंधन समिति की सलाह पर मंदिर अधिनियम, 1955 के तहत सज़ा दी जा सकती है, जिसमें तीन साल तक की कैद भी शामिल हो सकती है।

एसजेटीए का उद्देश्य मंदिर की पवित्रता और गरिमा को बनाए रखना है, और इन प्रस्तावित संशोधनों से मौजूदा कानूनों और नियमों को मज़बूती मिलने की उम्मीद है। प्रस्ताव को राज्य सरकार को मंज़ूरी के लिए भेजा जाएगा।
- Bilaspur News : धूमधाम से हुआ होलिका दहन, लोगों ने पारंपरिक विधि-विधान से की पूजा-अर्चना
- DGP अरुण देव गौतम की बस्तर में हाई-लेवल बैठक, 31 मार्च से पहले नक्सलियों पर निर्णायक प्रहार की रणनीति तय
- भागलपुर में नशे के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, महिला समेत 5 तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में ब्राउन शुगर बरामद
- Beat Overeating Habits : टेस्टी खाने के चक्कर में हो रहे हैं ओवरइटिंग के शिकार? बचने के लिए अपनाएं ये स्मार्ट टिप्स
- किशनगंज JDU जिलाध्यक्ष चुनाव में भारी हंगामा, आपस में भिड़े दो गुट, पुलिस ने संभाला मोर्चा

