महाराष्ट्र के पुणे के निकट पिंपरी-चिंचवड से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां एक आठ वर्षीय बच्चे का अपहरण हुआ, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया. यह अपहरण किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि एक परिचित द्वारा किया गया था. इस मामले में एंटी एक्सटॉर्शन स्क्वॉड और रेलवे सुरक्षा बल ने कुछ ही घंटों में बच्चे को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सुरक्षित निकाल लिया.

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बच्चे की मां ने अपने बेटे को बेचने से मना कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी ने उसका अपहरण कर लिया. आरोपी ने बच्चे को खरीदने के लिए उसकी मां को 50 हजार रुपये की पेशकश की थी. वास्तव में, 31 मार्च को चिंचवड़ पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें बताया गया कि एक परिवार के जानकार ने उनके आठ साल के बच्चे का अपहरण कर लिया है.

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और रेलवे सुरक्षा बल के सहयोग से अपहृत लड़के को सुरक्षित रूप से बरामद कर उसकी मां को सौंप दिया, साथ ही आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी का नाम गजानन सुपडा पानपाटिल है.

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पुलिस के अनुसार, गजानन पानपाटिल नामक आरोपी ने चार दिन पहले चिंचवड़ में अपने एक जानकार से मिलने का बहाना बनाया. वह अक्सर आठ साल के लड़के को चॉकलेट और बिस्कुट का लालच देकर अपने पास बुलाता था. इसी कारण लड़का उसके पास जाने लगा. इस दौरान, आरोपी ने बच्चे की मां से उसके बेटे को पचास हजार रुपये में बेचने की पेशकश की, जिसे महिला ने ठुकरा दिया. इसके बाद, 31 मार्च को जब पति-पत्नी अपने काम पर गए, तो गजानन ने लड़के का अपहरण कर लिया और उसे सीधे चालीसगांव ले गया.

पुलिस को सूचना मिलने के बाद, जबरन वसूली निरोधक दस्ते के निरीक्षक देवेंद्र चव्हाण ने तुरंत जांच आरंभ की. उन्होंने भुसावल पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और चालीसगांव पुलिस स्टेशन से संपर्क किया और अपहरणकर्ता गजानन तथा महिला के बेटे की सीसीटीवी फुटेज प्राप्त की. अंततः आरोपी को चालीसगांव में ट्रेन से गिरफ्तार किया गया, और रेलवे सुरक्षा बल की सहायता से उसे पिंपरी-चिंचवड लाया गया. गजानन पानपाटिल ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि बच्चे की मां ने उसे 50 हजार रुपये में बेचने से मना कर दिया था, जिसके कारण उसने अपहरण का कदम उठाया. गजानन के खुद दो बच्चे हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि वह अपहृत लड़के को किसे देने वाला था या क्या वह उसे बेचना चाहता था. पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है.