पटना। बिहार के मोकामा स्थित नदवां गांव आज एक ऐतिहासिक आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। बाहुबली और पूर्व विधायक अनंत सिंह द्वारा आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय महादंगल न केवल खेल बल्कि सियासी गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। यह भव्य आयोजन बाहुबली विवेका पहलवान की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर किया जा रहा है, जिसके लिए नदवां के अखाड़े को हल्दी और तेल के विशेष मिश्रण से तैयार किया गया है।

​ईरान और जॉर्जिया से पहुंच रहे दिग्गज

​आयोजकों ने इस बार दंगल के स्तर को वैश्विक पहचान दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इस प्रतियोगिता में भारत के विभिन्न राज्यों जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के नामी पहलवानों के साथ-साथ विदेशी धरती के सूरमा भी दमखम दिखाएंगे।

  • ​ईरान से हामिद, इरफान और जलाल जैसे खूंखार पहलवान अखाड़े में उतरेंगे।
  • ​जॉर्जिया के चर्चित पहलवान टेड्डू के आने की भी प्रबल संभावना है।

​जेल से बाहर आने के बाद अनंत सिंह का शक्ति प्रदर्शन

​हाल ही में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए अनंत सिंह का यह पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम है। बाहुबली का दावा है कि इस महादंगल में 8 से 10 लाख लोग शामिल होंगे। खुद अनंत सिंह ने तैयारियों की कमान संभाल रखी है और अतिथियों के लिए भव्य भोज (भंडारे) का प्रबंध किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर सरकारी पुलिस बल के साथ-साथ निजी सुरक्षाकर्मियों की भारी तैनाती की गई है।

​सत्ता के गलियारों से आमंत्रण

​इस आयोजन में बिहार की सियासत का बड़ा जमावड़ा देखने को मिल सकता है। जेडीयू मंत्री अशोक चौधरी के आने की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उनके पुत्र निशांत कुमार और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह समेत कई दिग्गज नेताओं को आमंत्रित किया गया है, जिससे इस खेल आयोजन में राजनीतिक रंग भी घुल गया है।

​खूनी संघर्ष से गोतिया प्रेम तक का सफर

​यह दंगल दिवंगत विवेका पहलवान की याद में हो रहा है, जो बिहार केसरी रह चुके थे। दिलचस्प बात यह है कि एक समय अनंत सिंह और विवेका पहलवान के बीच वर्चस्व की जंग में ढाई दशक तक गैंगवार चला था। 2009 में विवेका के गुट ने अनंत सिंह पर जानलेवा हमला भी किया था। हालांकि, रिश्ते में गोतिया भाई होने के कारण समय के साथ कड़वाहट कम हुई। पिछले साल 2 अप्रैल को विवेका के निधन पर अनंत सिंह ने गहरा शोक व्यक्त किया था और अब उनकी याद में यह आयोजन दुश्मनी के पूरी तरह खात्मे का प्रतीक बन गया है।