पटना। बिहार की राजनीति के कद्दावर और बाहुबली नेता अनंत सिंह करीब 4 महीने बाद पटना की बेऊर जेल से रिहा हो गए हैं। दुलारचंद हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जब वे जेल से बाहर निकले, तो उनके समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। अनंत सिंह अपनी मशहूर लैंड क्रूजर में सवार होकर निकले, जिसके पीछे 50 से अधिक गाड़ियों का लंबा काफिला चल रहा था।

​नारेबाजी और आतिशबाजी से गूंजा विधायक आवास

​जेल से निकलते ही अनंत सिंह सीधे अपने विधायक आवास पहुंचे। वहां समर्थकों ने देखो-देखो कौन आया, शेर आया, शेर आया और जेल के ताले टूट गए, छोटे सरकार छूट गए जैसे नारों से आसमान गुंजा दिया। पूरे आवास को फूल-मालाओं से भव्य तरीके से सजाया गया था और बाहुबली नेता की घर वापसी की खुशी में जमकर आतिशबाजी की गई।

​3 लाख रसगुल्ले तैयार

​रिहाई का जश्न केवल नारेबाजी तक सीमित नहीं रहा। पटना के माल रोड स्थित आवास पर हजारों समर्थकों के लिए शाही दावत का इंतजाम किया गया है। खास बात यह है कि करीब 3 लाख रसगुल्ले तैयार किए गए हैं। इसके अलावा समोसा, पूड़ी-सब्जी और पुलाव जैसे कई व्यंजन भी परोसे जा रहे हैं। गर्मी को देखते हुए पंडाल में बड़े पंखे और कूलर लगाए गए हैं, जहां 10 से 15 हजार लोगों के जुटने की संभावना है।

​मोकामा में 50 किलोमीटर लंबा रोड शो

​जमानत के बाद अनंत सिंह मंगलवार (24 मार्च) को अपने निर्वाचन क्षेत्र मोकामा के लिए रवाना होंगे। वे मोकामा मार्ग से होते हुए बड़हिया महारानी स्थान मंदिर तक 50 किलोमीटर लंबा रोड शो करेंगे। इस दौरान रास्ते भर समर्थक उनका स्वागत करेंगे।

​क्या था पूरा मामला?

​अक्टूबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। इस मामले में पटना एसएसपी ने 1 नवंबर को अनंत सिंह को उनके आवास से गिरफ्तार किया था। 2 नवंबर से वे बेऊर जेल में बंद थे, जिन्हें अब राहत मिली है।