Ancient Rock Ganesh Idol: तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली शहर में स्थित पचई पिल्लैयार मंदिर एक अद्भुत चमत्कार है. यह मंदिर शहर के प्रसिद्ध रॉक फोर्ट परिसर में बना है और माना जाता है कि यहां गणपति जी की प्रतिमा किसी शिल्पकार ने नहीं बनाई, बल्कि यह प्राकृतिक चट्टान से स्वयं बनी है. यही वजह है कि इसे हजारों साल पुराना माना जाता है.
मंदिर तक पहुँचने के लिए भक्तों को लगभग 400 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. ऊपर पहुंचकर गणपति बप्पा के दर्शन के साथ-साथ पूरा तिरुचिरापल्ली शहर एक ही नजर में दिखाई देता है. भक्तों का कहना है कि यह दृश्य जीवन में भक्ति और रोमांच दोनों का अनोखा अनुभव कराता है.
Also Read This: इस तारीख को मनाई जाएगी राधा अष्टमी: इस दिन को लेकर क्या कहते हैं प्रेमानंद महाराज?

Ancient Rock Ganesh Idol
Also Read This: बेंगलुरु का गणेशोत्सव: कला और संस्कृति का अद्वितीय संगम, जानिए बाकी जगहों से क्यों है खास…
मंदिर की मान्यता है कि यहां की पूजा से कठिन से कठिन कार्य भी सिद्ध हो जाते हैं और जीवन में सफलता प्राप्त होती है. स्थानीय लोगों का मानना है कि पचई पिल्लैयार बच्चों को ज्ञान और बुद्धि प्रदान करते हैं.
यह मंदिर न केवल धार्मिक स्थल है, बल्कि प्राचीन भारतीय इतिहास और प्राकृतिक कला का जीवंत प्रमाण भी है. दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहां आकर दिव्य शांति का अनुभव करते हैं.
कैसे पहुँचे (Ancient Rock Ganesh Idol)
यह मंदिर तिरुचिरापल्ली शहर के बीचों-बीच स्थित है. तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट दोनों शहर में ही मौजूद हैं. स्थानीय ऑटो और टैक्सी से मंदिर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है.
Also Read This: पर्युषण महापर्व : संयम और आत्मशुद्धि की है परंपरा, इस तरह हुई इसकी शुरुआत …
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें