Angul Talcher Air Pollution Crisis: भुवनेश्वर. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के अंगुल-तालचेर औद्योगिक क्षेत्र में बिगड़ते वायु प्रदूषण पर चिंता जताई है और इसे “सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल” बताया है.

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Angul Talcher Air Pollution Crisis

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लोकसभा में संबलपुर के सांसद के रूप में धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को अलग-अलग पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.

अंगुल-तालचेर में खतरनाक वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) स्तरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कोयला खदानों, थर्मल पावर प्लांटों और औद्योगिक इकाइयों से हो रहे अनियंत्रित उत्सर्जन के कारण तालचेर भारत के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया है. उन्होंने जोर दिया कि यह सिर्फ एक पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा है.

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धर्मेंद्र प्रधान ने औद्योगिक उत्सर्जन की सख्त निगरानी, स्वच्छ तकनीकों को अपनाने और धूल कम करने के लिए मशीनीकृत कोयला परिवहन की जरूरत बताई है. इसके साथ ही उन्होंने हरित बफर विकसित करने के लिए वनीकरण, मजबूत रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम और राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत दीर्घकालिक परियोजनाओं को बढ़ाने की भी मांग की है.

उन्होंने कहा कि स्थायी समाधान के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला प्रशासन और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है. ये पत्र केंद्र और राज्य सरकारों के बीच जवाबदेही और सहयोग की दिशा में अहम कदम हैं, ताकि जहरीली हवा के बीच रह रहे हजारों लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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