Anita Chaudhary Murder Case: जोधपुर की चर्चित ब्यूटीशियन अनीता चौधरी हत्याकांड में आखिरकार 20 दिनों के धरने के बाद सरकार ने CBI जांच की मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के बाद धरने की समाप्ति की घोषणा कर दी गई। नागौर सांसद और RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल के समर्थन के बाद मामला तेजी से सुलझा। सरकार ने अनीता चौधरी के परिजनों को ₹51 लाख की आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को संविदा नौकरी देने का ऐलान किया है।

आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के धरने में शामिल होने के बाद सरकार और प्रशासन हरकत में आए। सोमवार रात को ओसियां विधायक भैराराम सियोल और जोधपुर कमिश्नर राजेंद्र सिंह ने धरने पर बैठे लोगों से बातचीत की। देर रात 3 बजे मांगों पर सहमति बनी। मंगलवार सुबह अंतिम वार्ता के बाद धरने की समाप्ति की घोषणा हुई।
धरना समाप्ति के बाद मुख्य निर्णय:
- CBI जांच: अनीता चौधरी हत्याकांड की जांच अब CBI करेगी।
- आर्थिक सहायता: परिवार को ₹51 लाख की मदद दी जाएगी।
- संविदा नौकरी: परिजनों को संविदा नौकरी देने का आश्वासन।
- प्रशासनिक कार्रवाई: डीसीपी और SHO को उनके पद से हटाया जाएगा।
हनुमान बेनीवाल का बयान
बेनीवाल ने कहा कि CBI जांच से हत्याकांड से जुड़े कई बड़े नाम सामने आएंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि न्याय सुनिश्चित किया जाएगा और अब पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच होगी।
सरकार के प्रतिनिधि की प्रतिक्रिया
ओसियां विधायक भैराराम सियोल ने बताया कि सरकार ने धरने में रखी गई सभी प्रमुख मांगों को मान लिया है। उन्होंने कहा कि अगर जांच के दौरान और लापरवाहियां सामने आती हैं, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। धरने की समाप्ति के बाद अनीता चौधरी का आज ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। सरकार के आश्वासन और CBI जांच की मंजूरी से परिजन अब न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
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