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दीपक ताम्रकार,डिंडोरी। मध्यप्रदेश में अन्नदाताओं की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। किसी तरह प्राकृतिक आपदाओं से फसल बचाने के बाद अब नहर फुटने के खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। कटने के लिए तैयार गेहूं के खेत में पानी भरने से किसानों को आर्थिक क्षति पहुंची है।
जानकारी के अनुसार डिंडोरी जिला के शहपुरा जनपद क्षेत्र की बिलगांव मध्यम सिंचाई परियोजना में जल संसाधन विभाग द्वारा कराए गए घटिया एवं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य की पोल खुल रही है। आए दिन किसानों के खेतों के पास से गुजरी नहरें क्षतिग्रस्त हो रही है, तो वहीं कुछ नहरें पूर्व से भी क्षतिग्रस्त हैं। इसके लिए ग्रामीणों ने कई बार जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को अवगत भी कराया लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जिससे किसानों के खेतों में लगी फसलों में पानी पूरी तरह से भरने से फसलें बर्बाद हो रही हैं। ताजा मामला ग्राम बरगांव का है जहां किसान बिहारी लाल साहू और तिरन बनवासी के खेतों में लगी गेहूं की फसल में नहर का पानी भरने से पूरी फसल बर्बाद हो गई है। पीडि़त किसानों ने आज सुबह बताया कि उनके खेत के पास बिलगांव मध्यम सिंचाई परियोजना की नहर काफी दिनों से फूटी हुई है।
जिससे उनके खेत में लगी गेहूं की फसल बर्बाद हो रही है।
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पीडि़त किसान ने मीडिया के माध्यम से शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द ही नहर की मरम्मत कराई जाए एवं बर्बाद फसल के नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिया जाए।इस संबंध में उन्होंने जल सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की थी। आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।