अंतागढ़ टेपकांड : मंतूराम पवार वॉयस सेंपल देने पहुंचे एसआईटी दफ्तर, पूर्व सीएम रमन सिंह और अजीत जोगी के ऊपर लगाए ये आरोप

रायपुर। अंतागढ़ टेपकांड मामले में मुख्य आरोपी मंतूराम पवार वॉयस सैंपल देने अपने वकीलों के साथ एसआईटी दफ्तर पहुंच गए हैं. जहां वे वकीलों की मौजूदगी में एसआईटी अफसरों के सामने अपनी आवाज रिकॉर्ड कराएंगे.

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मंतूराम के वॉयस सेंपल को जांच के लिए लैब भेजा जाएगा. जहां वॉयस सैंपल से अंतागढ़ टेपकांड के वॉयस को मैच किया जाएगा कि टेप में मौजूद आवाज मंतुराम की ही है.

मंतूराम ने मीडिया से बात करते हुए एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और अजीत जोगी के ऊपर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि एसआईटी के माध्यम से मेरे पास नोटिस आया है. मैं स्वयं की इच्छा से कानून का सहयोग कर रहा हूं, क्योंकि अंतागढ़ प्रकरण मैं मेरे ऊपर भी बहुत सारे आरोप पहले से लगा हुआ है. मैं चाहता हूं दूध का दूध और पानी का पानी हो. मेरा तो मानना है कि मंतूराम पवार ही क्यों इसमें जिस जिस का नाम है. चाहे पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के दमाद डॉ पुनीत गुप्ता का हो चाहे पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी का हो. सारे लोगों को बिना कहे इस प्रकरण को जल्दी से जल्दी कानूनी रूप देने के लिए निराकरण करने के लिए एसआईटी के सामने आकर सहयोग करना चाहिए.

मंतूराम ने कहा कि मैं देख रहा हूं पिछले समय से पीछे ही रहने की कोशिश हो रही है. एसआईटी और न्यायालय को सहयोग नही किया जा रहा. इसका मतलब दाल में काला नहीं दाल ही पूरी काली है. इनके ऊपर मेरा आरोप है इन लोगों ने मंतूराम पवार को नाम वापसी के लिए भी मजबूर कर लिया मैं भाजपा में चला गया वहां भी डरा धमकाकर 5 साल तक डॉक्टर रमन सिंह ने रखा. आज खरीदी बिक्री में भी मेरा डायरेक्ट आरोप है रमन सिंह और अजीत जोगी की इसमें अहम भूमिका है. ऐसी स्थिति है तो इन लोग वॉइस देने क्यों नहीं आ रहै है..अपनी बात को स्पष्ट क्यों नहीं कर रहे हैं.

मंतूराम ने आगे कहा कि मैं तो कहना चाहता हूं डॉक्टर रमन सिंह जी को कि आपका दामाद केस में संलग्न है तो आप के दमाद को आप भेजिए वॉइस देने के लिए. इसमें डरने की बात नहीं है. देखिए मिलान के बारे में मैं कहूं मेरी आवाज है तो मुझे थोड़ा बहुत भी शक नहीं होगा. मैं एसआईटी से निवेदन करना चाहूंगा मेरे आवाज को मेरे सामने रखा जाए यदि मेरे सामने रखेंगे तो मुझे टेली करने की जरूरत नहीं है. मैं आवाज को स्वयं ही पहचान लूंगा यह मेरी ही आवाज है. सरकार जब जब इस मामले में मेरी मदद लेगी मैं सहयोग करूँगा.

 

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