केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उड़ान-2 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 100 नए एयरपोर्ट्स विकसित किए जाएंगे। इस पर 28,840 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मॉडिफाइड उड़ान योजना 10 साल यानी वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक के लिए होगी। इसका मकसद रीजनल एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करना और देशभर में मौजूदा एविएशन इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जाएगा। इसके तहत 100 नए एयरपोर्ट्स विकसित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार देश भर में 200 नए और आधुनिक हेलीपैड बनाने जा रही है.

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं. देश में 100 नए एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी दी गई है. उड़ान योजना के विस्तार को मंजूरी दी गई. भारत आने वाले विदेशियों के वीजा रजिस्ट्रेशन और उनकी ट्रैकिंग से जुड़ी योजना को अगले 5 साल (2031 तक) के लिए बढ़ा दिया गया है.

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं. ईज ऑफ ट्रैवल के लिए IVFRT digital process में 32 सुविचारों को जोड़ा गया है. उड़ान योजना के लिए 28,840 करोड़ रुपये खर्च होंगे. वहीं, 100 नए एयरपोर्ट की अगर बात करें तो एक एयरपोर्ट बनाने पर औसतन 100 करोड़ का खर्च आएगा. इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने 12,159 करोड़ का बजट तय किया है, ताकि आम आदमी के लिए हवाई यात्रा आसान और सस्ती हो सके.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कैबिनेट बैठक में आज तीन बड़े फैसले लिए गए हैं.

पहला ये कि भारत आने वाले विदेशियों के वीजा, रजिस्ट्रेशन और उनकी ट्रैकिंग से जुड़ी योजना को अगले 5 साल (2031 तक) के लिए बढ़ा दिया गया है. इसके लिए 1800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे ताकि सुरक्षा और इमिग्रेशन प्रक्रिया और बेहतर हो सके.

दूसरा फैसला- उड़ान योजना का विस्तार है. देश के छोटे शहरों को हवाई सफर से जोड़ने वाली उड़ान योजना को अब अगले 10 सालों (2036 तक) के लिए मंजूरी मिल गई है. सरकार इस पर 28,840 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जिससे आम लोगों के लिए हवाई यात्रा और आसान और सस्ती होगी.

तीसरा फैसला पर्यावरण को लेकर है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने साल 2025 से 2035 तक के लिए नए पर्यावरण लक्ष्य तय किए हैं. कैबिनेट ने इन प्रतिबद्धताओं को मंज़ूरी दी है ताकि देश में प्रदूषण कम हो और प्रकृति को सुरक्षित रखा जा सके.

मॉडिफाइड उड़ान स्कीम के तहत 200 मॉडर्न हेलीपैड भी विकसित किए जाएंगे। इसके लिए 3,661 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसका मकसद पहाड़ी, पूर्वोत्तर, द्वीपीय और एस्पिरेशन रीजन्स में एयर कनेक्टिविटी में सुधार लाना है। जहां सड़कें बनाना कठिन है, वहां हेलीकॉप्टर को आवाजाही का मुख्य जरिया बनाया जाएगा. इसके लिए सरकार 3,661 करोड़ रुपये खर्च करेगी. भारत में बने विमानों को बढ़ावा दिया जाएगा और नए विमान खरीदे जाएंगे. इस काम के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.

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