अररिया। जिले के सिकटी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले एक अन्य आरोपी की तलाश में पुलिस अब भी छापेमारी कर रही है।

​शाम के समय अपहरण और हैवानियत

​यह पूरी घटना 25 मार्च की शाम करीब 4 बजे की है। पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, बच्ची घर से बाहर शौच के लिए निकली थी। इसी दौरान गांव के ही कुछ दरिंदों ने उसे अकेला पाकर अगवा कर लिया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों की बर्बरता यहीं नहीं रुकी; उन्होंने इस कुकृत्य का वीडियो भी बना लिया।

​वीडियो वायरल करने की धमकी और चुप्पी

​वारदात के बाद आरोपियों ने पीड़िता को बुरी तरह डराया और धमकाया। उन्होंने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी, जिसके डर से पीड़िता कुछ दिनों तक खामोश रही। जब परिवार को इस अमानवीय कृत्य की जानकारी मिली, तो उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए 3 अप्रैल को स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।

​पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारियां

​मामले की गंभीरता को देखते हुए अररिया पुलिस अधीक्षक (SP) जितेंद्र कुमार ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए छापेमारी की और तीन आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

  • ​दीपक कुमार पासवान (25 वर्ष)
  • ​रामविलास पासवान (30 वर्ष)
  • ​दिलानंद पासवान (28 वर्ष)

​सख्त धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70 (गैंगरेप), 85 और 3(5) के साथ-साथ पॉक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न कठोर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। फरार चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

​प्रशासन का रुख: ‘जीरो टॉलरेंस’

​घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया, जिसके विरोध में सड़क जाम भी किया गया। एसपी जितेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध पर प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और उसे हर संभव कानूनी व मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की जा रही है।