पटना। ​लोजपा (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने देश के सांस्कृतिक और तकनीकी मुद्दों पर अपनी बेबाक राय साझा की है। उन्होंने मोहन भागवत के ‘घर वापसी’ वाले बयान से लेकर शशि थरूर की AI संबंधी टिप्पणियों पर कड़ा रुख अपनाया है।

​सांस्कृतिक विविधता पर नसीहत

​मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भारती ने कहा कि भारत एक ऐसा बगीचा है जहां विभिन्न प्रकार के फूल खिलते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि भारत की असली पहचान उसकी विविधता में है। यदि पूरे देश को एक ही रंग में रंगने का प्रयास किया गया, तो समाज का ताना-बाना बिखर जाएगा। उनके अनुसार, अलग-अलग विचारों और समुदायों का सम्मान ही लोकतंत्र की मजबूती है।

​AI और तकनीक पर शशि थरूर को जवाब

​कांग्रेस नेता शशि थरूर द्वारा AI समिट पर उठाए गए सवालों का पलटवार करते हुए भारती ने कहा कि भारत उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में दिव्य गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी एक संस्थान की त्रुटि को आधार बनाकर पूरे देश की तकनीकी क्षमता पर सवाल उठाना अनुचित है। AI भविष्य में भारत की अर्थव्यवस्था और प्रशासन को नई दिशा देने वाला है।

​कल्याणकारी राज्य और राज्यसभा उम्मीदवार

​सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों पर संयमित रहते हुए भारती ने भारत को एक वेलफेयर स्टेट बताया, जहां आर्थिक असमानता को दूर करने के लिए जरूरतमंदों को सरकारी मदद अनिवार्य है। वहीं, राज्यसभा चुनाव के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान का निर्णय ही अंतिम और सर्वोपरि होगा।