कुंदन कुमार/ पटना। ​बिहार सरकार के कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी ने शराबबंदी कानून को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर करारा पलटवार किया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि शराबबंदी कानून की कोई समीक्षा नहीं होगी और सरकार इस फैसले पर पूरी मजबूती के साथ कायम है।

​कानून तोड़ने से कानून खत्म नहीं होता

​अशोक चौधरी ने तर्क दिया कि देश में कई कड़े कानून हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अगर कोई उन्हें तोड़ता है तो कानून को ही खत्म कर दिया जाए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, दहेज प्रथा और हत्या के खिलाफ भी कानून बने हैं। क्या लोग इन कानूनों का उल्लंघन नहीं करते? तो क्या हमें इन कानूनों को हटा देना चाहिए? उन्होंने उन लोगों पर निशाना साधा जो कानून की महत्ता को समझे बिना इसकी अवहेलना करते हैं।

​राजद पर शराब चंदा का गंभीर आरोप

​मंत्री ने राजद (RJD) को आड़े हाथों लेते हुए पार्टी फंडिंग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि राजद ने शराब कंपनियों से चंदा लेकर अपनी पार्टी चलाई है। विपक्षी दल द्वारा किंग महेंद्र का नाम लिए जाने पर उन्होंने सफाई दी कि किंग महेंद्र एक कुशल संगठनकर्ता थे और उन्होंने पार्टी को मजबूत करने के लिए सहयोग किया था, जिसे राजद गलत संदर्भ में पेश कर रहा है।

​समीक्षा की संभावनाओं को नकारा

​विपक्ष की मांग और अटकलों को खारिज करते हुए चौधरी ने साफ किया कि शराबबंदी पर फिलहाल कोई पुनर्विचार या समीक्षा नहीं होने वाली है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि हम राजद की तरह शराब माफियाओं या कंपनियों के निवेश पर राजनीति नहीं करते। सरकार का लक्ष्य सामाजिक सुधार है, जिसे हर हाल में जारी रखा जाएगा।