सत्या राजपूत, रायपुर. असम विधानसभा चुनाव 2026 में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने प्रभार वाले लखीमपुर लोकसभा क्षेत्र के 9 विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक चुनाव प्रचार कर भारतीय जनता पार्टी की स्थिति को मजबूत किया. उन्होंने भाजपा एवं गठबंधन सहयोगी असम गण परिषद एजीपी के प्रत्याशियों के पक्ष में जनसमर्थन जुटाया और कई बैठकों के माध्यम से बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया. अपने इस सघन दौरे के दौरान उन्होंने सभी 9 सीटों पर जीत का विश्वास व्यक्त किया. डिप्टी सीएम अरुण साव ने गली मोहल्ले से लेकर प्रदेश स्तर की सभाओं में सम्मिलित होकर पार्टी को मजबूती प्रदान की है.

लखीमपुर प्रभारी साव ने प्रवास के दौरान 8 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा और एक में असम गण परिषद के प्रत्याशी के समर्थन में जनसभाएं, बैठकें और रोड शो किए. स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ संवाद कर उन्होंने चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया और संगठन को हर स्तर पर मजबूत करने के निर्देश दिए. उन्होंने गली-गली जनसंपर्क कर आम जनता से सीधा संवाद किया और बूथ तक चुनाव प्रबंधन को सशक्त बनाया.

प्रचार के अंतिम चरण में साव ने लंबे समय तक प्रवास कर अपनी पूरी ताकत झोंकी. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत, जनता का विश्वास और डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां इस बार एनडीए की जीत का मजबूत आधार बनेंगी. साव ने विश्वास जताया कि प्रदेश में विकास और सुशासन के आधार पर जनता एक बार फिर एनडीए को अपना आशीर्वाद देगी.

साव ने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले दस वर्षों में असम को अशांति और असुरक्षा से बाहर निकालकर विकास के पथ पर अग्रसर किया है मिशन वसुंधरा के तहत प्रदेश के लोगों को भूमि अधिकार देने और 5 लाख करोड़ रुपए के निवेश का संकल्प लिया गया है, जिससे विकसित असम के माध्यम से विकसित भारत का लक्ष्य पूरा होगा. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाला समय असम की तरक्की का होगा. उन्होंने ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में जहां धान का समर्थन मूल्य बेहद कम था, वहीं आज किसानों को कई गुना अधिक मूल्य मिल रहा है.

साव ने चुनावी सभाओं में कहा कि, हजारों युवाओं ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है और अरुणोदय योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को आर्थिक संबल मिला है. उन्होंने कांग्रेस पर आदिवासियों के साथ अन्याय किया. उन्होंने कहा कि जनता प्रदेश की शांति और विकास के लिए कांग्रेस को फिर सत्ता से दूर रखेगी तथा इस चुनाव में राहुल गांधी की हार की सेंचुरी बनेगी.