Assam, Keralam and Puducherry Assembly Election Voting Percentage Details: असम, केरलम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए हुई वोटिंग में कई रिकॉर्ड टूटे। असम की जनता ने तो पहले के सभी रिकॉर्ड को तोड़ दिया। असम के इतिहास में सबसे ज्यादा 85.38% वोटिंग हुई। यह 1950 में असम के बनने के बाद से राज्य में सबसे ज्यादा वोटिंग है। इससे पहले 2016 में 84.7% मतदान हुआ था। वहीं केरलम में पिछले 49 सालों में दूसरी सबसे ज्यादा वोटिंग हुई। यहां 78.03% वोट डाले गए। 1977 में रिकॉर्ड 79.2% मतदान हुआ था। जबकि केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में की जनता ने तो मतदान करने में गर्दा ही उड़ा डाला। पुडुचेरी में आजादी के बाद सबसे ज्यादा 89.83% मतदान हुआ। इससे पहले का रिकॉर्ड 85% (2006, 2011 और 2016 विधानसभा चुनाव) का था। वोटिंग परसेंट के आंकड़े 9 अप्रैल की रात 11.30 बजे तक के हैं। चुनाव आयोग (election Commission) के मुताबिक ये फाइनल आंकड़ें नहीं हैं। इसमें फेरबदल हो सकता है।

असम के इतिहास में रिकॉर्ड मतदान होने पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा भी गदगद हैं। सीएम हिमंत रिकॉर्डतोड़ वोटिंग को बीजेपी के पक्ष में हुए मतदान का परिणाम मान रहे हैं।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पोलिंग भी अच्छा हुआ है और बहुत शांति से हुआ है। सिंगल फेज का पोलिंग हुआ है इलेक्शन कमीशन ने काफी रिस्क लिया था। असम जैसा प्रदेश में सिंगल फेज में चुनाव करवाने का शांति से चुनाव हो गया है तो मैं असम की जनता, इलेक्शन कमीशन चुनाव में लगे हुए सभी लोग, अधिकारी और पॉलीटिकल पार्टी का वर्कर्स का बहुत-बहुत में धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा कि यह पूरा सीधा-सीधा कैलकुलेशन है असम का जो बांग्लादेश से आए हुए जो मुसलमान समाज है जो हमारा लगभग 40% का जनसंख्या है. ट्रेडिशनल उसे इलाके में 95% वोट हुआ करता था और हम जो हमारे लोग होते हैं जो असम के स्थाई लोग हैं। हमारे समाज में वोट का परसेंटेज 75-76 हुआ करता था। इस साल वोट जो लोकल असम के लोग हैं वह 90% लोगों ने वोट किया है जो हमारे कांग्रेस का वोट बैंक जो था वह भी सिचुएशन लिमिट में था।

उन्होंने कहा कि इस बार पहली बार ऐसा हुआ है कि असम का कोई भी लोकल आसामी वोट जो है केंद्र में हमें भी 95% यहां की लोकल लोगों ने वोट किया है तो इससे आप रिजल्ट का अंदाजा लगा सकते हैं। इसके बारे में मैं बहुत ज्यादा नहीं बोल सकता हूं।

बता दें कि असम में 126 सीटों पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवारों का भाग्य का फैसला होगा। 35 जिलों में से 26 से ज्यादा जिलों में 80% से ऊपर वोटिंग हुई। सबसे ज्यादा 95.56% मतदान साउथ सलमारा मनकचर जिले में हुआ। सबसे कम 75.25% वोटिंग वेस्ट कार्बी एंगलोंग में हुई।

केरलम में भी रिकॉर्ड मतदान (Kerala Assembly Elections)

केरलम में 140 विधानसभा सीटों पर 2.6 करोड़ मतदाता हैं। वहीं 883 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। राज्य के 14 जिले में से दो जिलों में 80% से ऊपर मतदान हुआ। वहीं 10 जिलों में 70% से ज्यादा वोटिंग हुई है। सबसे ज्यादा वोटिंग 81.32% वोटिंग कोझिकोड में हुई। वहीं सबसे कम 70.76% मतदान पथनमथिट्टा में हुआ। केरलम में 2.71 करोड़ वोटर 890 उम्मीदवारों में से अपना नेता चुन रहे हैं।

पुडुचेरी बनने के बाद रिकॉर्डतोड़ मतदान (Puducherry Assembly Elections)

पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों में कुल 10 लाख मतदाता हैं। यहां 89.83% वोटिंग हुई। केंद्र शासित प्रदेश में कुल दो जिले हैं। सबसे ज्यादा 90.47% मतदान पुडुचेरी जिले में हुआ। वहीं करईकल में 86.77% वोटिंग हुई। पुडुचेरी के इतिहास में पहली बार इतनी वोटिंग हुई है।

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