अयोध्या. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में श्री राम जन्मभूमि मंदिर, श्री अयोध्या धाम में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. सीएम ने अपने संबोधन की शुरुआत भगवान श्रीराम के जयघोष से की. उन्होंने सबसे पहले उपस्थित लोगों और देश एवं प्रदेशवासियों को ह्रदय से भारतीय नव वर्ष (नव संवत्सर 2083) की शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि आज भारतीय नव संवत्सर की प्रथम तिथि और श्रीराम जन्मभूमि के परिपूर्ण होने के परिपेक्ष्य में श्रीराम यंत्र की स्थापना के इस कार्यक्र में राष्ट्रपति और आध्यात्मिक विभूतियों का सानिध्य प्राप्त हो रहा है. मैं सभी का अभिनंदन करता हूं.

सीएम ने कहा कि दुनिया के अंदर किसी देश के पास इतनी आबादी नहीं है, जितने हमारे यहां उत्तर प्रदेश में श्री राम जन्मभूमि में, काशी विश्वनाथ धाम में, प्रयागराज महाकुम्भ में, मथुरा-वृंदावन में दर्शन करने के लिए लोग आए हैं. दुनिया में वर्तमान में तमाम युद्ध चल रहे हैं, अव्यवस्था, आर्थिक अराजकता और दहशत है, लेकिन हम भारत में श्री अयोध्या धाम में भयमुक्त होकर हजारों की संख्या में राष्ट्रपति के अभिवादन के लिए एवं श्रीराम यंत्र की स्थापना के कार्यक्रम में सहभागी बनकर ‘राम राज्य’ का अहसास कर रहे हैं.
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योगी ने कहा कि जो उत्तर प्रदेश या देश की सत्ता में रहते थे, अपनी सत्ता को बचाने के लिए नोएडा नहीं जाते थे, वह ‘उनके’ लिए अंधविश्वास और रूढ़िवादी नहीं था, श्री राम जन्मभूमि मंदिर की बात करना, काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण की बात करना और श्रीकृष्ण कन्हैया के मथुरा-वृंदावन की बात करना उनके लिए अंधविश्वास का पर्याय था. लेकिन आज हम सब गौरव की अनुभूति कर सकते हैं. यहां भगवान श्रीराम का मंदिर रामराज्य की आधारशिला है. उन्होंने कहा कि भारत इसलिए भारत बना है क्योंकि हमारे ऋषि मुनियों की तपस्या ने, हमारे किसानों के परिश्रम ने, हमारे कारिगरों की उद्यमिता ने और भारत की आस्था ने इसे एक बना रखा है.
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