जयपुर | राजस्थान में सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के तबादलों का इंतज़ार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है. राज्य सरकार ने ट्रांसफर पर लगी रोक की अवधि को 7 दिन और बढ़ा दिया है. अब प्रदेश में 14 फरवरी तक तबादलों पर पूर्ण पाबंदी रहेगी. प्रशासनिक सुधार विभाग ने इस संबंध में संशोधित आदेश जारी कर दिए हैं.

क्यों बढ़ाई गई तारीख?
पहले ‘स्पेशल समरी रिविजन’ (SIR) प्रक्रिया के कारण यह रोक 7 फरवरी तक थी. चूंकि 14 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन होना है, इसलिए निर्वाचन कार्य में लगे कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने इस रोक को 14 फरवरी तक बढ़ा दिया है.
विशेष परिस्थिति में छूट: यदि किसी का तबादला बहुत अनिवार्य है, तो उसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग से विशेष अनुमति लेनी होगी.
मई तक राहत की उम्मीद कम, ये हैं 4 बड़े कारण
भले ही कागजों पर रोक 14 फरवरी तक है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आगामी कुछ महीनों में कई बड़े आयोजनों के कारण मई तक तबादले होना बेहद मुश्किल दिख रहा है:
- बजट सत्र: फरवरी में विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने जा रहा है, जिसमें पूरी मशीनरी व्यस्त रहेगी.
- निकाय और पंचायत चुनाव: मार्च और अप्रैल में प्रदेश में शहरी निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव संभावित हैं. आचार संहिता के कारण ट्रांसफर नहीं हो सकेंगे.
- जनगणना 2026: मई से देश में जनगणना का पहला फेज शुरू होने वाला है. जनगणना कार्य में लगे अफसरों और कर्मचारियों का तबादला नियमों के मुताबिक नहीं किया जा सकता.
- लगातार व्यस्तता: जनगणना का दूसरा फेज 2027 तक चलेगा, जिसका मतलब है कि बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ सकता है.
प्रशासनिक सुधार विभाग का नया आदेश
26 जनवरी को जारी पुराने आदेश में अब संशोधन कर दिया गया है. नए आदेश के मुताबिक, वोटर लिस्ट के अंतिम प्रकाशन तक कोई भी विभाग स्वतंत्र रूप से तबादले नहीं कर सकेगा. 14 फरवरी के बाद तकनीकी रूप से रोक हट जाएगी, लेकिन उसके तुरंत बाद बजट और चुनाव की अधिसूचना जारी होने की संभावना है, जिससे ‘ट्रांसफर विंडो’ खुलने से पहले ही बंद हो सकती है.
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