कुंदन कुमार/पटना। मां मुंडेश्वरी मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड ने बैंक ऑफ इंडिया पर एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बैंक ने करोड़ों रुपये के लेन-देन से जुड़े एक मामले में डिफॉल्टर और ब्लैकलिस्टेड कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया है। कंपनी ने इस पूरे प्रकरण में बैंक के उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप और निष्पक्ष, उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
कंपनी के अनुसार, गया के व्यवसायी अखौरी गोपाल ने अपनी एक ही संपत्ति को बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ इंडिया दोनों से जुड़े लेन-देन में शामिल किया था। मां मुंडेश्वरी मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड ने उक्त संपत्ति को बैंक ऑफ बड़ौदा से विधिवत खरीदा और बाद में बैंक ऑफ इंडिया द्वारा उसी संपत्ति के लिए आयोजित बोली प्रक्रिया में नियमानुसार भाग लिया।

आरोप है कि कंपनी द्वारा 5 करोड़ 90 लाख की उच्चतम बोली लगाए जाने के बावजूद बैंक ऑफ इंडिया ने संपत्ति को मात्र 4 करोड़ 20 लाख में एक ऐसी कंपनी को बेच दिया, जो कथित रूप से ब्लैकलिस्टेड है और सीबीआई जांच के दायरे में बताई जा रही है।

कंपनी का कहना है कि यह निर्णय बैंकिंग नियमों और पारदर्शिता के विरुद्ध है, जिससे सरकारी बैंक को करोड़ों रुपये का सीधा नुकसान हुआ है। साथ ही ईमानदार बोलीदाताओं के साथ अन्याय किया गया है। कंपनी ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वह कानूनी और संवैधानिक विकल्प अपनाएगी।