
Banking Customers New Rules: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 1 अप्रैल 2025 से कई नए बैंकिंग नियम लागू किए जा रहे हैं. ताकि बैंकिंग सिस्टम को और अधिक मजबूत, सुरक्षित, ग्राहकों के लिए आसान और पारदर्शी बनाया जा सके. इन नए नियमों का असर SBI PNB, Canara, HDFC जैसे कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के खाताधारकों पर पड़ेगा.

जानिए SBI, PNB, Canara और अन्य बैंकों से जुड़े टॉप 5 नियमों में क्या बदलाव हो रहे हैं
1. न्यूनतम बैलेंस की जरूरतें
SBI Canara Bank, PNB Bank जैसे अन्य बैंकों में न्यूनतम बैलेंस पॉलिसी को अपडेट किया जा रहा है. 1 अप्रैल से बचत खाते में पहले से ज्यादा न्यूनतम बैलेंस रखना होगा. खाते में कितना न्यूनतम बैलेंस होना चाहिए, यह खाते के प्रकार और भौगोलिक स्थिति जैसे शहरी अर्ध-शहरी या ग्रामीण के आधार पर अलग-अलग हो सकता है. अगर ग्राहक ऐसा करने में सफल हो जाते हैं, तो उन्हें जुर्माना भरना पड़ सकता है.
2. ATM निकासी शुल्क में संशोधन किया जाएगा
1 अप्रैल से ATM ट्रांजेक्शन पॉलिसी में भी बदलाव होने जा रहा है. तय संख्या से अधिक मुफ्त लेनदेन करने पर अधिक शुल्क लिया जा सकता है. अन्य बैंकों के एटीएम के उपयोग में मुफ्त लेनदेन की संख्या कम की जाएगी. मुफ्त लेनदेन की संख्या से अधिक निकासी करने पर अधिक शुल्क लिया जाएगा. वर्तमान में, कई बैंक अपने एटीएम से महीने में तीन से पांच बार मुफ्त एटीएम निकासी का लाभ देते हैं.
इसके अलावा, अन्य बैंकों के एटीएम से महीने में तीन बार निकासी की जा सकती है. यदि इससे अधिक किया जाता है, तो 20 रुपये से 25 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है.
3. ब्याज दरों में बदलाव
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने बचत खातों और सावधि जमा की ब्याज दरों में संशोधन किया है. बचत खातों पर ब्याज दरें अब खाते की शेष राशि के आधार पर अलग-अलग प्रतिशत में ली जाएंगी. अधिक दीर्घकालिक निवेश को आकर्षित करने के लिए सावधि जमा की ब्याज दरों में भी बदलाव किया गया है.
4. डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार
बैंकों द्वारा डिजिटल क्रांति लाने के लिए, ग्राहकों को दी जाने वाली ऑनलाइन और मोबाइल बैंकिंग सेवाओं को अपग्रेड किया जा रहा है. कई बैंकों में ग्राहकों के सवालों के जवाब देने के लिए AI चैटबॉट का इस्तेमाल किया जा रहा है. डिजिटल ट्रांजेक्शन को और सुरक्षित बनाने के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के साथ-साथ टू फैक्टर वेरिफिकेशन जैसे फीचर्स को मजबूत किया जा रहा है. 1 अप्रैल से ऑनलाइन और मोबाइल बैंकिंग में कई नए फीचर जुड़ जाएंगे.
5. पॉजिटिव पे सिस्टम की शुरुआत
ट्रांजेक्शन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम की शुरुआत की जा रही है, जिसमें 50000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट के लिए चेक अनिवार्य होगा. इसमें ग्राहकों को डिपॉजिट करने के लिए चेक डिटेल्स को वेरिफाई करना होगा, जिससे धोखाधड़ी और गलतियों का जोखिम कम हो सकता है. चेक के जरिए किए जाने वाले पेमेंट में ज्यादा पारदर्शिता आती है.