रायपुर। पीएएलजीए बटालियन नंबर 1 का कमांडर बारसे देवा आज तेलंगाना डीजीपी के समक्ष हथियार डालेगा. बारसे देवा अपने डेढ़ दर्जन साथियों के साथ मुख्य धारा में लौटेगा. हाल ही में मारे गए नक्सली माड़वी हिडमा का राइट हैंड माना जाने वाला बारसे देवा कई नक्सल घटनाओं को अंजाम दे चुका है. उस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है.
बारसे देवा के आत्मसमर्पण के साथ छत्तीसगढ़ में माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगने जा रहा है. नक्सली कमांडर हिडमा के मारे जाने के बाद से ही बारसे देवा के सरेंडर के दावे किए जा रहे हैं. बारसे देवा के पहले जगदलपुर में भी सरेंडर की खबर आई है.

पूवर्ती का रहने वाला है बारसे देवा
बारसे देवा माओवादी पार्टी की सैन्य टुकड़ियों (सशस्त्र बलों) की गतिविधियों को संभाल रहा था. हिडमा और बारसे देवा एक ही गांव सुकमा सुकमा जिले के पूवर्ती के रहने वाले थे. माओवादी पार्टी को हथियारों की सप्लाई में बारसे देवा की भूमिका बेहद अहम मानी जाती रही है.
एसजेडसीएम कैडर का अधिकारी
48 साल के बारसे देवा को हेमला देवल, देवलू, देवन्ना के नाम से नक्सली संगठन में जाना जाता है. वह नक्सल संगठन में एसजेडसीएम कैडर का अधिकारी था. वर्तमान में वह नक्सल संगठन पीएएलजीए में बटालियन 1 का कमांडर है. इस संगठन को नक्सलियों की सबसे खतरनाक संगठन माना जाता था.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें


