जगदलपुर। संभागीय मुख्यालय जगदलपुर का अंतर्राज्यीय बस स्टैंड, जहां प्रतिदिन 200 से अधिक बसों का संचालन होता है और करीब 2000 यात्री आवाजाही करते हैं, आज खुद बुनियादी सुविधाओं के संकट से जूझ रहा है। सात महीने से बंद पड़ा वाटर एटीएम गर्मी के इस मौसम में यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है, जिससे उन्हें मजबूरन महंगे दाम पर पानी खरीदना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि वाटर एटीएम कक्ष पर भी अतिक्रमण हो चुका है और प्रतीक्षालय में लगा आरओ सिस्टम भी लंबे समय से बंद पड़ा है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है, नालियां महीनों से साफ नहीं हुई हैं और परिसर में बदबू व मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। कुशाभाऊ ठाकरे यात्री प्रतीक्षालय की हालत भी चिंताजनक है, जहाँ 26 जनवरी के बाद से धुलाई तक नहीं हुई और घुमंतू पशुओं का जमावड़ा आम बात बन गया है। नगर निगम द्वारा लगाए गए सफाई कर्मी नाकाफी साबित हो रहे हैं, जिससे पूरे परिसर में गंदगी पसरी हुई है। यात्रियों और व्यवसायियों में बढ़ती नाराजगी अब प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े कर रही है।
विकास की नई दस्तक : 79 साल बाद गांव तक पहुंची बस
बीजापुर। जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क क्षेत्र में बसे सागमेटा गाँव के लिए 2 अप्रैल 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब पहली बार बस सेवा गाँव तक पहुँची। दशकों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित इस क्षेत्र के करीब 600 परिवारों को अब बाजार, अस्पताल और प्रशासनिक सेवाओं तक सीधी पहुंच मिल सकेगी। इससे पहले ग्रामीणों को 17 किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता था, जिससे उनकी दिनचर्या और जीवन स्तर प्रभावित होता था। इस बदलाव के पीछे स्थानीय युवाओं और प्रशासन का संयुक्त प्रयास रहा, जिन्होंने बस संचालकों को सेवा विस्तार के लिए तैयार किया और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। क्षेत्र में स्थापित सुरक्षा कैंपों और सड़क निर्माण ने इस परिवर्तन को संभव बनाया है, जिससे विकास की राह खुली है। बस सेवा शुरू होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी। सागमेटा और आसपास के गाँवों में इस पहल ने उम्मीद की नई किरण जगा दी है और यह साबित किया है कि इच्छाशक्ति और समन्वय से दूरस्थ क्षेत्रों तक भी विकास पहुँच सकता है।

हाईवे पर पिकअप पलटी, सैकड़ों मुर्गियों की मौत से भारी नुकसान
जगदलपुर। बस्तर थाना क्षेत्र के घाटलोहंगा में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर एक पिकअप वाहन के पलटने से बड़ा आर्थिक नुकसान सामने आया है। धमतरी से ओडिशा के कोरापुट जा रही मुर्गियों से भरी पिकअप अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई, जिससे आधे से अधिक मुर्गियों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, हालांकि चालक और हेल्पर सुरक्षित बताए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर परिवहन के दौरान सुरक्षा मानकों और वाहन नियंत्रण की गंभीरता को उजागर किया है। व्यापारिक दृष्टि से यह नुकसान संबंधित व्यवसायी के लिए बड़ा झटका है, वहीं स्थानीय स्तर पर भी ऐसी घटनाएं सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं। प्रशासनिक स्तर पर ऐसे मामलों में सतर्कता और निगरानी की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
परिवहन संघ चुनाव में सीधा मुकाबला, 2172 मतदाता तय करेंगे नेतृत्व
जगदलपुर। बस्तर परिवहन संघ के चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है, जहाँ 7 पदों के लिए 14 प्रत्याशी मैदान में हैं और हर पद पर सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। 4 अप्रैल को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा, जिसमें 2172 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जबकि शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। इस बार चुनाव में दो प्रमुख पैनल आमने-सामने हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प बन गया है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सहसचिव और कोषाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए प्रत्याशी अपनी पूरी ताकत झोंक चुके हैं। चुनाव चिन्ह मिलने के बाद से ही प्रचार अभियान तेज हो गया था और मतदाताओं को साधने की कोशिशें जारी हैं। यह चुनाव न केवल संगठन के नेतृत्व का फैसला करेगा, बल्कि परिवहन व्यवसाय की दिशा भी तय करेगा। सभी की नजरें अब मतदान और परिणाम पर टिकी हैं, जो आने वाले समय की रणनीति को प्रभावित करेंगे।
बारिश से राहत, लेकिन बिजली कटौती ने बढ़ाई परेशानी
दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा में अचानक बदले मौसम ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, लेकिन इसके साथ नई समस्याएं भी सामने आईं। दिनभर की उमस और तेज गर्मी के बाद शाम को हुई बारिश और ठंडी हवाओं ने तापमान गिराया, जिससे लोगों ने राहत महसूस की। हालांकि बारिश शुरू होते ही शहर के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। दिनभर लोग पसीने और उमस से परेशान रहे और कूलर-पंखों का सहारा लेते नजर आए। शाम की बारिश ने मौसम को सुहावना बनाया, लेकिन बिजली व्यवस्था की कमजोरी उजागर कर दी। इस स्थिति ने यह सवाल खड़ा किया कि मौसम परिवर्तन के दौरान भी बुनियादी सेवाओं को सुचारू रखने की तैयारी कितनी है। राहत और परेशानी के इस मिश्रित अनुभव ने प्रशासनिक व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया है।
6 नई एंबुलेंस से स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी रफ्तार
दंतेवाड़ा। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 6 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस शुरू की गई हैं। इन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस वाहनों को विभिन्न विकासखंडों के लिए रवाना किया गया, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। अब तक दुर्गम सड़कों के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी होती थी, जिससे कई बार स्थिति गंभीर हो जाती थी। नई एंबुलेंस सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी और आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित करेगी। जनप्रतिनिधियों ने इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार बताया है और कहा कि इससे ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जीवन रक्षा की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को अंतिम छोर तक ले जाएगी।
खनिज संपदा के बावजूद रेल सुविधाओं का अभाव, बढ़ा असंतोष
दंतेवाड़ा। किरंदुल-बचेली क्षेत्र, जो लौह अयस्क के लिए देशभर में प्रसिद्ध है, आज भी बुनियादी रेल सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। वर्षों से इस रेल लाइन से करोड़ों की आमदनी होने के बावजूद स्थानीय लोगों को यात्री सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। स्टेशन शहर से दूर हैं और वहां तक पहुंचने के लिए परिवहन सुविधा का अभाव है, जिससे बीमार और बुजुर्गों को भारी परेशानी होती है। क्षेत्र में केवल माल ढुलाई पर ध्यान दिया जा रहा है, जबकि यात्री ट्रेनों की संख्या और नियमितता बेहद सीमित है। स्थानीय युवाओं को रोजगार में भी प्राथमिकता नहीं मिलने से असंतोष बढ़ रहा है। लोगों की मांग है कि नई एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू की जाएं, स्टेशनों का विस्तार हो और स्थानीय लोगों को रोजगार मिले। लगातार उपेक्षा के चलते अब इस मुद्दे पर जन आंदोलन की चेतावनी दी जा रही है, जो आने वाले समय में बड़ा रूप ले सकता है।
प्रशासन का भरोसा, जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य
बीजापुर। जिले में संभावित संकट की आशंकाओं के बीच प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। जिले में 30 से 45 दिनों का खाद्यान्न स्टॉक सुरक्षित रखा जा रहा है और किसानों के लिए खाद की आपूर्ति भी सुचारू रूप से जारी है। सीमावर्ती जिला होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। यह संदेश लोगों में विश्वास बनाए रखने और अनावश्यक भय को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

