Bastar News Update : दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले के गीदम थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में 13 साल के बच्चे की जान चली गई। नागलु के पास बंद पड़े क्रशर प्लांट के गड्ढे में भरे पानी में डूबने से आदर्श वाघमारिया की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आदर्श अपने दोस्तों के साथ वहां नहाने गया था। नहाने के दौरान उसका एक साथी गहरे पानी में फंस गया और डूबने लगा। दोस्त को बचाने के लिए आदर्श तुरंत पानी में कूद गया, लेकिन खुद ही गहरे पानी में फिसलकर डूब गया। जिस बच्चे को बचाने वह उतरा था, वह किसी तरह बाहर निकल आया, लेकिन आदर्श को नहीं बचाया जा सका। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की। कुछ देर बाद बच्चे को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्रशर प्लांट का यह गड्ढा लंबे समय से पानी से भरा हुआ है। इसके बावजूद वहां किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने ऐसे खतरनाक स्थानों को सुरक्षित करने की मांग उठाई है।

अंधेरे में डूबे इंद्रावती के पुल, शाम होते ही बढ़ता डर
जगदलपुर। जगदलपुर में इंद्रावती नदी पर बने तीन बड़े पुल हजारों लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही का सहारा हैं, लेकिन इन पुलों पर अंधेरा ग्रामीणों के लिए परेशानी और डर दोनों का कारण बन गया है। खड़कघाट, डोंगाघाट और घाट पदमूर–कुड़कानार के बीच बने इन पुलों पर आज तक समुचित प्रकाश व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम ढलते ही पुलों पर सन्नाटा छा जाता है और अंधेरे के कारण महिलाएं यहां से गुजरने में घबराती हैं। ग्रामीणों के अनुसार कई बार शराबियों और शरारती तत्वों की वजह से छेड़छाड़ जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
इंद्रावती पर बने ये तीनों पुल शहर और आसपास के गांवों को जोड़ते हैं, जहां से रोज करीब पांच हजार लोग आवागमन करते हैं। ब्रिटिश काल में बना खड़कघाट का पुराना पुल आज भी हजारों लोगों की आवाजाही का रास्ता है। लालबाग चौक से डोंगाघाट तक सड़क लाइट की व्यवस्था नहीं होने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। वहीं घाट पदमूर और कुड़कानार के बीच बने नए पुल पर भी आज तक हाईमास्ट लाइट नहीं लगाई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल के किनारे शाम होते ही शराबियों का जमावड़ा लगने लगता है। कई वर्षों से स्ट्रीट लाइट की मांग उठती रही, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलों पर प्रकाश व्यवस्था हो जाए तो दुर्घटनाओं और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लग सकती है। लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निकाय से संयुक्त कार्ययोजना बनाकर जल्द व्यवस्था करने की मांग की है।
नदी में नहाने गया बैंक कर्मचारी डूबा, साथियों के सामने हुआ हादसा
सुकमा। जिले के कोंटा थाना क्षेत्र में शबरी नदी में नहाने के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 30 वर्षीय रामा साई के रूप में हुई है, जो कोंटा स्थित एसबीआई शाखा में कैशियर था। जानकारी के मुताबिक रामा साई अपने साथी कर्मचारियों के साथ आसिरगुड़ा गांव के पास नदी में नहाने गया था। नहाने के दौरान वह अचानक नदी के गहरे हिस्से में चला गया और डूबने लगा। मौके पर मौजूद साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन रामा साई को तैरना नहीं आता था। एक साथी ने बैंक मैनेजर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन रामा साई को नहीं बचाया जा सका। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद युवक को नदी से बाहर निकाला गया। हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि रामा साई मूल रूप से आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम का रहने वाला था। घटना की सूचना उसके परिजनों को दे दी गई है। कोंटा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
इंद्रावती पर बन रहा पुल, डोंगी से पार करने की मजबूरी होगी खत्म
बस्तर। बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक में इंद्रावती नदी पर बनने वाला नया पुल अब ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आने वाला है। बिंता घाटी के नीचे सतसपुर और कांटाबांस के बीच बन रहा पुल इस साल पूरा होने की उम्मीद है। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल का निर्माण तेजी से चल रहा है। पुल के साथ-साथ घाटी से पुल तक पक्की सड़क का निर्माण भी शुरू हो चुका है। इस क्षेत्र के दर्जनभर से ज्यादा गांव लंबे समय से यातायात की समस्या झेल रहे थे। इनमें से कई गांव इंद्रावती नदी के उस पार बसे हुए हैं। बरसात के दिनों में नदी में बाढ़ आने पर ये गांव मुख्यालय से पूरी तरह कट जाते थे। ग्रामीणों को आवागमन के लिए लकड़ी की डोंगी का सहारा लेना पड़ता था। स्वास्थ्य सेवाओं और विकास कार्यों तक पहुंच भी बेहद मुश्किल हो जाती थी।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनने के बाद क्षेत्र में विकास की रफ्तार बढ़ेगी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच आसान हो जाएगी। दशकों से चली आ रही पुल निर्माण की मांग अब पूरी होने की ओर है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इससे इलाके की तस्वीर बदल जाएगी।
होली के दिन चार जगह आग, नगर सेना के जवानों ने संभाली स्थिति
जगदलपुर। होली के उल्लास के बीच जगदलपुर में बीते 24 घंटों में आगजनी की चार अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं ने नगर सेना के जवानों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। जानकारी के मुताबिक कुछ जगहों पर शरारती तत्वों द्वारा जंगलों में आग लगा दी गई। बस्तर थाना क्षेत्र के घाटकवाली के पास झाड़ियों में आग भड़क उठी। वहीं ग्राम कलचा के जंगलों और महकापाल के नीलगिरी प्लांटेशन में भी आग फैल गई थी। दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसी बीच कुम्हारपारा के एयरपोर्ट मार्ग पर चलती मोटरसाइकिल में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते बाइक आग का गोला बन गई और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाई। अगर समय पर कार्रवाई नहीं होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। त्योहार के कारण सड़कों पर भीड़ होने से दमकल को घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानी हुई। इसके बावजूद नगर सेना के जवानों ने मुस्तैदी से हालात संभाले। समय रहते कार्रवाई से बड़ी जनहानि टल गई।
सोशल मीडिया पर पार्ट टाइम जॉब का झांसा, साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील
बस्तर। तकनीक के दौर में साइबर अपराधी लोगों को ठगने के नए-नए तरीके तलाश रहे हैं। बस्तर पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रहे एक नए साइबर फ्रॉड को लेकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। साइबर ठग पार्ट टाइम जॉब का ऑफर देकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। लोगों को दिन में 1 से 2 घंटे काम करके हजारों रुपये कमाने का लालच दिया जाता है। इसके लिए व्हाट्सएप, टेलीग्राम, एसएमएस और वेबसाइट के माध्यम से लिंक भेजे जाते हैं।
ठग इन लिंक को आगे फॉरवर्ड करने पर बोनस का लालच भी देते हैं। लिंक पर क्लिक करते ही लोगों की निजी और बैंक से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली जाती है। इसके बाद खातों से पैसे निकालकर ठगी को अंजाम दिया जाता है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। पार्ट टाइम जॉब के नाम पर आने वाले संदिग्ध मैसेज का जवाब देने से बचें। अपनी निजी और बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सतर्कता ही साइबर ठगी से बचने का सबसे बड़ा तरीका है।
त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की जांच, 15 नमूने लैब भेजे गए
बीजापुर। त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी पर रोक लगाने के लिए जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान के तहत विभिन्न दुकानों और होटलों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान आटा, सूजी, बेसन, नमकीन, सोयाबीन तेल और मिठाइयों के कुल 15 नमूने लिए गए।
सभी नमूनों को विधिवत सीलबंद कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों को स्वच्छता में सुधार के निर्देश दिए गए। खाद्य सामग्री को ढककर रखने और बासी सामान न बेचने की चेतावनी भी दी गई। साथ ही साफ तेल के उपयोग और भंडारण व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। दुकानों में लाइसेंस और पंजीयन की वैधता की भी जांच की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहारों में मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
खाद्य व्यवसाय संचालकों को नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई है। ताकि आम लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री मिल सके।
पानी चोरी पर नगर पालिका का एक्शन, चार घरों से मोटर जब्त
बीजापुर। नगर में पेयजल वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर पालिका ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।डीएनके वार्ड में गुरुवार को टीम ने औचक निरीक्षण कर अवैध मोटर पंप जब्त किए। सीएमओ दिनेश डे के नेतृत्व में नगर पालिका की टीम सुबह वार्ड में पहुंची। अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान चार घरों में नल कनेक्शन से सीधे मोटर लगाकर पानी खींचते पाया गया। टीम ने तुरंत सभी मोटर पंप जब्त कर लिए। अधिकारियों ने कहा कि इससे अन्य लोगों को पानी का पर्याप्त दबाव नहीं मिल पाता। नगर पालिका का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान रूप से पानी उपलब्ध कराना है। सीएमओ ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी स्थिति मिलने पर कनेक्शन काट दिया जाएगा। नगर पालिका ने शहर के अन्य वार्डों में भी अभियान चलाने की तैयारी की है। जल चोरी और पानी की बर्बादी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग करने की अपील की है। ताकि शहर के अंतिम छोर तक भी पर्याप्त पानी पहुंच सके।
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