Bastar News Update: दंतेवाड़ा। गीदम–जगदलपुर मार्ग पर संचालित लक्ष्मी मेटल्स एंड इंडस्ट्रीज क्रशर की कथित अनियंत्रित ब्लास्टिंग से जावंगा क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि विस्फोट के दौरान स्कूल पारा में भूकंप जैसा कंपन महसूस होता है और करीब 500 मीटर के दायरे में जमीन व मकानों पर सीधा असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक 45 से अधिक पक्के मकानों में दरारें उभर चुकी हैं। हर साल मरम्मत कराने के बावजूद कुछ ही महीनों में दीवारें फिर फट जाती हैं। गौतम राम मंडावी ने बताया कि खेतों में उछले पत्थरों से गड्ढे बन गए हैं, जबकि क्रशर की धूल से खेती प्रभावित हो रही है और मवेशी खेतों में जाने से कतराने लगे हैं।
ब्लास्टिंग के समय बच्चे डरकर घरों में छिप जाते हैं। एक बार विस्फोट के बाद पत्थर स्कूल की छत तोड़कर कक्षा तक पहुंच गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना विस्फोट किए जाते हैं और अब तक किसी तरह का मुआवजा नहीं मिला है। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासनिक जांच जारी है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

बस्तर में होगी हाईटेक होली: बाजार में तकनीक और ट्रेंड का रंग
बस्तर। जिले में होली को लेकर बाजारों की रौनक चरम पर है। इस बार परंपरागत और हर्बल रंग-गुलाल के साथ तकनीक और ट्रेंड का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। नई डिजाइन और फीचर्स वाली पिचकारियां खासकर युवाओं और बच्चों को आकर्षित कर रही हैं।
बाजार में “मैजिक गुलाल पिचकारी” बिना गुलाल भरे ही रंग उड़ाने का दावा कर रही है। सिक्स कार्ट्रिज गन और म्यूजिक-लाइट इफेक्ट वाली पिचकारियां भी ट्रेंड में हैं। फिल्मी और ट्रेंडिंग कैरेक्टर आधारित मॉडल्स की मांग तेज है। ‘राज की कुल्हाड़ी’ और ‘बाहुबली तलवार’ डिजाइन सबसे ज्यादा बिक रहे हैं, जबकि हनुमान गदा, त्रिशूल और हथौड़ा मॉडल बच्चों की पहली पसंद बने हुए हैं।
राफेल जेट डिजाइन की पिचकारी भी खास आकर्षण का केंद्र है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे वाले मास्क की बिक्री सबसे अधिक बताई जा रही है। रंग उड़ाने वाले सिलेंडर थोक बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे हैं।
दुकानदारों को इस बार बेहतर कारोबार की उम्मीद है, जबकि ग्राहक भी नए प्रयोगों और आधुनिक डिजाइन को हाथों-हाथ ले रहे हैं। इस बार बस्तर की होली में परंपरा के साथ तकनीक का रंग भी खूब घुलता नजर आ रहा है।
बस्तर में इमली बनी ‘सोना’! समर्थन मूल्य से ऊपर बिक रही
बस्तर। जिले के ग्रामीण हाट-बाजारों में इन दिनों इमली की जबरदस्त आवक देखने को मिल रही है। इस बार इमली के दामों ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और बाजार में यह 45 से 50 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है।
समर्थन मूल्य से अधिक भाव मिलने के कारण समितियों में इमली की आवक कम हो गई है। ग्रामीण अब सीधे खुले बाजार में बिक्री को प्राथमिकता दे रहे हैं। व्यापारी गांव-गांव पहुंचकर 10 से 20 किलोमीटर दूर तक खरीदी कर रहे हैं। पेड़ के साथ इमली खरीदने का चलन भी फिर से बढ़ने लगा है।
बताया जा रहा है कि इस साल इमली की पैदावार बेहतर हुई है। ग्रेड-1 और ग्रेड-2 के लिए समर्थन मूल्य तय है, लेकिन बाजार भाव उससे ऊपर चल रहा है। वहीं, खुले बाजार में गुणवत्ता संबंधी शर्तें अपेक्षाकृत ढीली हैं, जिससे किसानों को बिक्री में आसानी हो रही है। अच्छी कीमत मिलने से ग्रामीणों में उत्साह और खुशी का माहौल है।
तोकापाल में आंदोलन से लौह अयस्क ढुलाई ठप, पांचवें दिन भी गतिरोध जारी
बस्तर। तोकापाल क्षेत्र के डोंगरीगुड़ा में एनएमडीसी की साइडिंग पर ग्रामीणों का आंदोलन जारी है, जिसके चलते लौह अयस्क की ढुलाई पूरी तरह ठप हो गई है। आंदोलन के पांचवें दिन भी खनिज परिवहन शुरू नहीं हो सका। ग्रामीण अपनी मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन समाप्त करने को तैयार नहीं हैं। उनका आरोप है कि छह वर्ष पहले किए गए वादे आज तक पूरे नहीं किए गए।
गुरुवार को प्रशासन की मध्यस्थता में हुई बातचीत भी बेनतीजा रही और एनएमडीसी के अधिकारी निर्णय टालते हुए लौट गए। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया। ढुलाई बंद रहने से प्रतिदिन करोड़ों रुपये के नुकसान की बात कही जा रही है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और आगे टकराव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सड़क निर्माण में गड़बड़ी पर अफसरों ने जताई नाराजगी, तत्काल सुधार के दिए निर्देश
कोंडागांव। जिले के पर्रेबानगांव में मुख्यमंत्री गौरवपथ योजना के तहत बन रही सड़क के निर्माण कार्य में गड़बड़ी की शिकायत सामने आई है। शिकायत मिलते ही अधीक्षण अभियंता डी.पी. भूआर्य मौके पर पहुंचे और स्थल निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान निर्माण की गुणवत्ता पर असंतोष जताते हुए सहायक अभियंता और उप अभियंता को फटकार लगाई गई। साथ ही कार्यपालन अभियंता को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई है। करीब 41.73 लाख रुपये की लागत से 500 मीटर सड़क का निर्माण किया जा रहा है। अधिकारियों ने निर्देशों के विपरीत कार्य किए जाने पर नाराजगी जाहिर की और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। भविष्य में लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के संकेत भी दिए गए हैं।
स्कूल में छात्र-छात्राओं ने पढ़ा बाल सुरक्षा का पाठ
बीजापुर। जिले की कोतापल्ली पंचायत के प्राथमिक विद्यालय में बाल सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राएं, अभिभावक और शिक्षक बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान पॉक्सो बॉक्स के उपयोग की जानकारी दी गई और बच्चों को बिना डर अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया। बाल श्रम के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए शिक्षा को जीवन की प्राथमिकता बनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में भी जानकारी दी गई तथा गुड टच और बैड टच के अंतर को सरल भाषा में समझाया गया। बच्चों को आत्म-सुरक्षा के उपाय बताए गए और जागरूकता बढ़ाने के लिए लघु फिल्म ‘कोमल’ का प्रदर्शन किया गया। आयोजकों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए इस तरह की जागरूकता गतिविधियां निरंतर जारी रहनी चाहिए।
महापौर ने किया शहर का निरीक्षण, लापरवाही पर जताई नाराजगी
जगदलपुर। शहर में व्यवस्थाओं को लेकर महापौर संजय पांडे ने विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया और लापरवाही पर नाराजगी जताई। नालियों की सफाई और जलभराव की समस्या पर अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। भंगाराम चौक पर निर्माणाधीन पुलिया का निरीक्षण कर निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश दिए गए। अतिक्रमण के मामलों में भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी हुए। गंगामुंडा तालाब के पास सीमांकन कार्य की समीक्षा की गई, जबकि आपदा मद से बड़े नालों के निर्माण का निर्णय लिया गया।
गंगानगर वार्ड में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नई पुलिया स्वीकृत की गई है। माडियापारा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया गया। व्यर्थ बहते पानी और दिन में जलती स्ट्रीट लाइट्स पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। महापौर ने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि समस्याओं का शीघ्र समाधान कर राहत पहुंचाई जाएगी।
बस्तर में करोड़ों की सड़क डेढ़ साल में उखड़ी, गुणवत्ता पर सवाल
बस्तर। जिले में भानसागर जलाशय के तटबंध पर करीब एक करोड़ रुपये की लागत से लगाई गई इंटरलॉकिंग ब्लॉक डेढ़ साल के भीतर ही उखड़ गई हैं। निर्माण कार्य की हालत बिगड़ने से यह मार्ग दुपहिया चालकों के लिए खतरनाक बन गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सीधे तौर पर सार्वजनिक धन की बर्बादी है। उन्होंने या तो मार्ग को बंद करने अथवा सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाने की मांग की है। निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सिंचाई विभाग ने मरम्मत कराने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह मार्ग वाहनों के लिए अधिकृत नहीं है, लेकिन क्षेत्र के लोग मजबूरी में इसी रास्ते का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि सुधार कार्य कब तक पूरा होता है।
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