Bastar News Update : दंतेवाड़ा. गीदम वेयरहाउस में 30 हजार क्विंटल चावल का खराब होना अब सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सिस्टम फेलियर का मामला बनता जा रहा है. जांच में सामने आया है कि क्वालिटी जांच ज़मीन पर नहीं, बल्कि मोबाइल पर तस्वीरों के जरिए की गई. क्वालिटी इंस्पेक्टर बिना मौके पर पहुंचे रिपोर्ट तैयार करता रहा. नियम के विपरीत पहले आए चावल को महीनों गोदाम में पड़ा रहने दिया गया. राइस मिलर्स और अफसरों की कथित मिलीभगत से पुराने खराब चावल पहले निकाल दिए गए. कीटनाशक की सप्लाई ही नहीं हुई, फिर भी लाखों के खर्च का रिकॉर्ड मौजूद है.

सफाई के नाम पर 8 दिन में सिर्फ 400 क्विंटल चावल अलग किया जा सका. इसी रफ्तार से काम चला तो पूरी सफाई में डेढ़ साल लगेंगे. खराब चावल में अब दवाएं डालने के आरोप भी सामने आए हैं. क्वालिटी इंस्पेक्टर, डिपो इंचार्ज और ब्रांच मैनेजर की भूमिका संदेह के घेरे में है. जिला जांच टीम ने रिपोर्ट तैयार कर ली है. आज रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी. अब सवाल यह है कि दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला फाइलों में दब जाएगा.

बस्तर जिला – सीजन की सबसे ठंडी रात

बस्तर जिले में इस सीजन की सबसे कड़ाके की ठंड दर्ज की गई है. न्यूनतम तापमान 8 डिग्री तक गिर गया है, जो इस साल का सबसे कम स्तर है. अलसुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी 30 से 50 मीटर तक सिमट गई. सुबह 7:30 बजे तक सड़कों पर चलना मुश्किल रहा. ठंडी और शुष्क उत्तर भारतीय हवाओं का असर दक्षिण छत्तीसगढ़ तक पहुंच गया है. दिनभर ठंडी हवाओं के चलते लोग घरों में दुबके नजर आए. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ला-नीना प्रभाव से ठंड बढ़ी है. अगले 24 घंटे में तापमान और 1–2 डिग्री गिर सकता है. ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा है. स्वास्थ्य विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है. कोहरे के चलते वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. मौसम में उतार-चढ़ाव अभी जारी रहने के संकेत हैं.

जगदलपुर – शिक्षा में सुविधा से आत्मनिर्भरता किरण देव

जगदलपुर में छात्राओं की शिक्षा को आसान बनाने की दिशा में एक कदम और बढ़ा है. सरस्वती साइकिल योजना के तहत 455 छात्राओं को साइकिल वितरित की गई. कार्यक्रम में विधायक किरण देव ने छात्राओं को लक्ष्य तय कर पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि छात्र जीवन भविष्य की नींव रखने का सबसे अहम समय होता है. सरकार की मंशा है कि दूरी कभी शिक्षा में बाधा न बने. इसी उद्देश्य से साइकिल योजना चलाई जा रही है. विधायक ने कहा कि जगदलपुर विधानसभा के स्कूलों को और बेहतर बनाया जाएगा. बस्तर के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. पढ़ाई के साथ खेलों में भी आगे बढ़ने के अवसर दिए जाएंगे. बस्तर ओलंपिक इसका उदाहरण है. कार्यक्रम में शिक्षा और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. संदेश साफ है—सुविधा बढ़ेगी, तो शिक्षा भी मजबूत होगी.

बस्तर – सब्जी ठेले की आड़ में नशे का कारोबार

बस्तर पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है. बोधघाट थाना क्षेत्र से एक महिला को भारी मात्रा में नशीली टैबलेट के साथ पकड़ा गया. आरोपी सब्जी के ठेले की आड़ में नशे का कारोबार कर रही थी. पुलिस को मुखबिर से सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की गई. तलाशी में 420 अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त की गईं. जब्त दवाओं की कीमत करीब 5.37 लाख रुपये बताई गई है. आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया महिला पूर्व में भी जेल जा चुकी है. पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटी है. कौन खरीददार है और कहां सप्लाई हो रही थी, इसकी पड़ताल जारी है. एसपी के निर्देश पर अभियान और तेज किया गया है. पुलिस ने स्पष्ट किया है—नशे के कारोबार पर कोई रियायत नहीं मिलेगी.

सुकमा – 4 पिकअप से 150 क्विंटल अवैध धान जब्त

छिंदगढ़ पुलिस ने छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर धान तस्करी का बड़ा प्रयास नाकाम किया है. रात की गश्त के दौरान चार पिकअप वाहन पकड़े गए. वाहनों में करीब 150 क्विंटल धान भरा हुआ था. चालक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके. प्राथमिक जांच में धान ओडिशा से लाया जाना सामने आया है. उद्देश्य समर्थन मूल्य का गलत फायदा उठाना था. पुलिस ने मौके पर ही वाहन और धान जब्त कर लिया. मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है. सीमावर्ती गांवों में निगरानी और कड़ी कर दी गई है. थाना प्रभारी ने साफ कहा कि तस्करी किसी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी. आने वाले दिनों में और कार्रवाई के संकेत हैं. पुलिस का फोकस पूरे नेटवर्क को तोड़ने पर है.

बस्तर – बीमा कंपनी देगी वाहन मरम्मत के लिए 9 लाख

बस्तर जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी के खिलाफ सख्त फैसला सुनाया है. आयोग ने वाहन मरम्मत के लिए 9 लाख रुपये देने का आदेश दिया. साथ ही मानसिक पीड़ा के लिए 10 हजार रुपये अतिरिक्त देने को कहा गया. आयोग ने स्पष्ट किया कि सर्वेयर की रिपोर्ट अंतिम नहीं होती. बीमा कंपनी यह साबित नहीं कर पाई कि चालक नशे में था. न ही यात्री होने का कोई ठोस सबूत पेश किया गया. आयोग ने बीमा कंपनी की दलीलों को खारिज किया. यह फैसला उपभोक्ताओं के अधिकारों को मजबूत करता है. आयोग ने कहा कि कंपनियां मनमाने आधार पर दावे खारिज नहीं कर सकतीं. फैसले से बीमाधारकों में भरोसा बढ़ा है. मामला सड़क दुर्घटना से जुड़ा था. न्यायिक दृष्टि से यह अहम निर्णय माना जा रहा है.

सुकमा – नक्सल क्षेत्र से विकास का संदेश

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जगरगुंडा से बस्तर के भविष्य का साफ संदेश दिया. उन्होंने कहा कि अब बस्तर की पहचान विकास और आत्मनिर्भरता होगी. गांवों को नक्सल हिंसा मुक्त करने पर करोड़ों की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इलवद पंचायत योजना के तहत गांवों को 1 करोड़ रुपये मिलेंगे. जनप्रतिनिधियों के लिए अलग प्रोत्साहन राशि का भी ऐलान किया गया. सुरक्षा कैंप अब विकास केंद्र के रूप में काम कर रहे हैं. ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ सीधे मौके पर दिया गया. स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा पर विशेष फोकस रखा गया. मोतियाबिंद मरीजों को इलाज के लिए विशेष बस से भेजा गया. किसानों को उन्नत बीज और केसीसी वितरित किए गए. डिप्टी सीएम ने युवाओं से मुख्यधारा में लौटने की अपील की. संदेश स्पष्ट है—हिंसा नहीं, विकास ही रास्ता है.

बस्तर – कानून और मानवीय दृष्टिकोण

बस्तर प्रधान सत्र न्यायालय ने एक अहम आपराधिक मामले में फैसला सुनाया है. पिता की गैरइरादतन हत्या के मामले में बेटे को दोषी ठहराया गया. आरोपी को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा दी गई. घटना दरभा थाना क्षेत्र की है. कोर्ट ने माना कि हत्या पूर्व नियोजित नहीं थी.

आरोपी ने आवेश में आकर वार किया था. मां को बचाने के दौरान स्थिति बिगड़ गई. कोर्ट ने हत्या और गैरइरादतन हत्या में फर्क स्पष्ट किया. पत्नी की गवाही को अहम माना गया. फैसला साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया..न्यायालय ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाया..यह निर्णय कानूनी मिसाल के रूप में देखा जा रहा है.

बस्तर – मौसम का असर, बच्चों पर खतरा

बस्तर में बदलते मौसम का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. ठंड और तापमान में उतार-चढ़ाव से बीमारियां बढ़ी हैं. अस्पतालों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या लगातार बढ़ रही है. सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल इंफेक्शन के मामले सामने आ रहे हैं. डॉक्टरों ने बच्चों की डाइट पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है.

प्रोटीन युक्त भोजन जरूरी बताया गया है. मौसमी बीमारी में घबराने के बजाय समय पर इलाज जरूरी है. छोटे बच्चों को ठंडी हवा से बचाने की जरूरत है. 6 महीने से कम उम्र के बच्चों के लिए मां का दूध पर्याप्त बताया गया..स्वच्छता और मास्क पर जोर दिया गया है..मौसम के अनुसार कपड़े पहनाने की सलाह दी गई है. स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतने की अपील की है.