Bastar News Update : दंतेवाड़ा. गीदम वेयरहाउस में खराब चावल के मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है. जांच में सामने आया है कि स्टॉक से करीब 7 हजार क्विंटल चावल गायब है. यह मात्रा लगभग 20 हजार परिवारों के महीनेभर के राशन के बराबर बताई जा रही है. इस हेराफेरी से सरकार को 4.50 करोड़ रुपये का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ है. वेयरहाउस में मिले 30 हजार क्विंटल खराब चावल की सफाई का काम बेहद धीमा है. अब तक केवल एक हजार क्विंटल चावल ही साफ हो पाया है. सफाई के बाद बोरे का वजन 50 की जगह 48 किलो रह जा रहा है. ऐसे बोरे पीडीएस को भेजे जाने पर नियमों का सवाल खड़ा हो गया है. दंतेवाड़ा, गीदम और कुआकोंडा क्षेत्रों में स्टॉक तेजी से घट रहा है. अबूझमाड़ जैसे संवेदनशील इलाकों में सबसे अधिक असर दिख रहा है. मिलर्स से नया चावल नहीं लेने से संकट और गहराने की आशंका है. प्रशासन के पास फिलहाल नुकसान की भरपाई का स्पष्ट जवाब नहीं है. नान प्रबंधन ने स्थिति पर रिपोर्ट तैयार होने की बात कही है.

कोंडागांव – प्लास्टिक मुक्त शहर की ओर सख्ती, बाजार में चला नगर पंचायत का डंडा

फरसगांव नगर पंचायत ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर सख्त रुख अपनाया है. साप्ताहिक बाजार में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ औचक कार्रवाई की गई. नगर पंचायत की टीम ने दुकानों की गहन जांच कर प्रतिबंधित पॉलिथीन जब्त की. अभियान के दौरान 26 व्यापारियों को नियम उल्लंघन करते पकड़ा गया. इन सभी पर कुल 2550 रुपये का जुर्माना लगाया गया. कार्रवाई से बाजार में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा. प्रशासन ने साफ कहा कि आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी व्यापारियों को दोबारा प्लास्टिक उपयोग न करने की चेतावनी दी गई. नगर पंचायत ने इसे लगातार चलने वाला अभियान बताया है. टीम में राजस्व और पर्यावरण से जुड़े अधिकारी शामिल रहे. नगर को प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है. प्रशासन का मानना है कि जनसहयोग से ही यह मुहिम सफल होगी.

दंतेवाड़ा – सड़क नहीं तो खुद रास्ता बनाएंगे, ग्रामीणों का श्रमदान संकल्प

बैलाडीला के पास बसे काकड़ीपारा गांव में आज भी सड़क नहीं है. बीमारी की हालत में मरीजों को 4 किमी कांवड़ में ले जाना मजबूरी है. ग्रामीण वर्षों से सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं. नक्सल प्रभावित क्षेत्र बताकर लंबे समय तक विकास टाला गया. अब हालात सामान्य होने के बावजूद कोई सर्वे नहीं हुआ. सरकारी उदासीनता से निराश ग्रामीणों ने खुद सड़क बनाने का फैसला लिया. हर घर से एक सदस्य श्रमदान में जुट गया है. उप सरपंच खुद फावड़ा उठाकर काम का नेतृत्व कर रहे हैं. गांव का लक्ष्य 4 किमी सड़क तैयार करना है. सड़क बनने से एंबुलेंस और जरूरी सेवाएं पहुंच सकेंगी. पीएम आवास और हैंडपंप जैसी योजनाएं भी सड़क के अभाव में अटकी हैं. ग्रामीणों का कहना है अब इंतजार नहीं, समाधान खुद करेंगे. यह संघर्ष विकास की बुनियादी मांग को उजागर करता है.

बस्तर – मकर संक्रांति पर प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम

मकर संक्रांति पर लामनी पार्क में विशेष आयोजन किया जा रहा है. बस्तर वन विभाग द्वारा चित्रकला और पतंग उड़ाओ प्रतियोगिता रखी गई है. कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. चित्रकला प्रतियोगिता दोपहर 12 से 3 बजे तक होगी. विषय प्रकृति, वन और पर्यावरण रखा गया है. इसके बाद पतंग उड़ाने की प्रतियोगिता होगी. 6 से 10 वर्ष और 11 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए अलग श्रेणियां हैं. वरिष्ठ वर्ग के लिए 10 हजार तक का पुरस्कार तय किया गया है. पतंग प्रतियोगिता में भी नगद पुरस्कार दिए जाएंगे. छोटे बच्चों को प्रोत्साहन पुरस्कार मिलेगा. शासकीय और निजी स्कूलों के छात्र भाग ले सकेंगे. अभिभावकों के लिए भी मनोरंजक गतिविधियां होंगी. कार्यक्रम को पारिवारिक सहभागिता से जोड़ा गया है.

बस्तर – बस्तर का कैडेट गणतंत्र दिवस परेड में करेगा प्रदेश का प्रतिनिधित्व

पीजी कॉलेज के एनसीसी कैडेट बलीराम बघेल का चयन आरडीसी 2026 के लिए हुआ है. वे प्रधानमंत्री रैली में सहभागिता करेंगे. बलीराम अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाते हैं. पिछले वर्ष असफलता के बाद उन्होंने खुद को और निखारा. कठोर अभ्यास और निरंतर मेहनत से उन्होंने यह उपलब्धि पाई. प्रशिक्षण में ड्रिल और शारीरिक दक्षता में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. उनका रैंक प्रमोशन भी हुआ है. वे वर्तमान में सीनियर अंडर ऑफिसर हैं. इस सफलता में एनसीसी अधिकारियों का मार्गदर्शन अहम रहा. कॉलेज और जिले के लिए यह गौरव का क्षण है. युवाओं के लिए यह प्रेरणादायक उदाहरण है. बस्तर के नाम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी.

कोंडागांव – पीएम आवास में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई, सचिव निलंबित

प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता का मामला सामने आया है. पंचायत सचिव पर राशि के दुरुपयोग का आरोप सिद्ध हुआ. जांच प्रतिवेदन के आधार पर तत्काल निलंबन किया गया. शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त हुई थी. कारण बताओ नोटिस के जवाब में गलती स्वीकार की गई. निलंबन अवधि में मुख्यालय तय किया गया है..नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा. जिला पंचायत ने विभागीय जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. योजना में पारदर्शिता पर जोर दिया गया है. भविष्य में ऐसे मामलों पर और सख्ती होगी. प्रशासन ने कड़ा संदेश दिया है.

बीजापुर – काम नहीं तो भत्ता, ग्रामीण मजदूरों को मिला अधिकारों का ज्ञान

वीबी-जी राम जी योजना का प्रचार तेज किया जा रहा है. धनोरा पंचायत में मजदूरों को नए प्रावधानों की जानकारी दी गई. अधिकारियों ने बताया कि 125 दिन रोजगार की गारंटी है. काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता अनिवार्य होगा. जल संरक्षण और सिंचाई कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है. मजदूरी भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाया गया है. डिजिटल निगरानी और बायोमीट्रिक व्यवस्था लागू होगी. ग्रामीणों ने योजना की सराहना की. सरपंच ने बेहतर क्रियान्वयन का भरोसा दिलाया. महिलाओं की भागीदारी को भी अहम बताया गया. योजना ग्रामीण आजीविका को मजबूत करेगी. पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया है.

बस्तर – हाईटेक पॉलिहाउस का लाभ सीमित, छोटे किसान हो रहे वंचित

डोंगाघाट नर्सरी में हाईटेक पॉलिहाउस तैयार किया गया है. लाखों की लागत से पौधे रियायती दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. लेकिन छोटे और मध्यम किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा. बड़े किसान पहले से बुकिंग कर पौधे ले जा रहे हैं. छोटे किसान निजी नर्सरी से महंगे पौधे खरीदने को मजबूर हैं. ग्राफ्टेड पौधों की मांग बढ़ रही है. निजी नर्सरी इस स्थिति का फायदा उठा रही हैं. किसानों ने समान अवसर की मांग की है. उद्यानिकी योजनाओं की पहुंच पर सवाल खड़े हो रहे हैं. पारदर्शी वितरण व्यवस्था की जरूरत बताई गई. किसानों का कहना है नीति में सुधार जरूरी है. तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलेगा.

जगदलपुर – छात्र आंदोलन पर कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतरी एनएसयूआई

मनरेगा बचाओ आंदोलन पर हुई कार्रवाई का विरोध तेज हो गया है. जगदलपुर के गोलबाजार चौक में जोरदार प्रदर्शन किया गया. छात्र संगठन ने लाठीचार्ज और गिरफ्तारी का विरोध किया. कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर नाराजगी जताई. नेतृत्व ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया. छात्रों और मजदूरों के हक की बात कही गई. आंदोलन को प्रदेशव्यापी बताया गया. मनरेगा को गरीबों की रीढ़ करार दिया गया. सरकार पर डराने का आरोप लगाया गया. कार्यकर्ताओं ने संघर्ष जारी रखने की बात कही. प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा लेकिन तीखा संदेश दिया गया. छात्र राजनीति में हलचल तेज हो गई है.

अब बस्तर के गांवों में वीडियो कॉल पर मिलेंगे वकील

जगदलपुर. भारत सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय द्वारा संचालित डिजिटल इंडिया की एक महत्वाकांक्षी पहल अब बस्तर संभाग के दूरस्थ अंचलों में भी न्याय  को सरल और सुगम बना रही है. सीएससी टेली-लॉ योजना के विस्तार के साथ ही बस्तर जैसे संवेदनशील और आदिवासी बाहुल्य जिलों के नागरिकों के लिए न्याय तक पहुँच अब बेहद आसान हो गई है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कानूनी सलाह के लिए अब ग्रामीणों को जिला मुख्यालय या बड़े शहरों की लंबी दौड़ न लगानी पड़े, बल्कि उन्हें अपने गाँव में ही यह सुविधा मिल सके.

इस क्रांतिकारी बदलाव के तहत, नागरिक अब अपने घर के नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर देश के अनुभवी वकीलों से सीधे संवाद स्थापित कर सकते हैं. वीडियो कॉल या फोन कॉल के जरिए मिलने वाली यह अत्याधुनिक सुविधा न केवल ग्रामीणों के समय की बचत कर रही है, बल्कि उन्हें शहर आने-जाने के भारी-भरकम खर्च से भी मुक्ति दिला रही है. शासन द्वारा निर्धारित पात्र श्रेणियों के लिए यह कानूनी सहायता पूरी तरह से निःशुल्क है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

टेली-लॉ योजना का दायरा अत्यंत व्यापक रखा गया है ताकि आम आदमी के जीवन से जुड़े हर पहलू को कानूनी सुरक्षा मिल सके. योजना के तहत अब पारिवारिक कानूनों से जुड़े मसले जैसे विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता और घरेलू विवादों का समाधान घर बैठे मिल रहा है. इसके साथ ही, बस्तर क्षेत्र में अक्सर देखने में आने वाले भूमि एवं संपत्ति विवाद, जमीन पर कब्जा, नामांतरण और बंटवारे जैसे मामलों में भी विशेषज्ञ वकीलों द्वारा सटीक मार्गदर्शन दिया जा रहा है. योजना में समाज के कमजोर वर्गों का विशेष ध्यान रखते हुए महिला एवं बाल अधिकारों के तहत घरेलू हिंसा और भरण-पोषण जैसे संवेदनशील मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है, वहीं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और संपत्ति अधिकारों के संरक्षण की भी व्यवस्था है.

योजना की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें दीवानी और फौजदारी दोनों तरह के मामलों को शामिल किया गया है. जहाँ एक ओर नागरिक एफआईआर, जमानत और पुलिस कार्यवाही जैसे फौजदारी मामलों में सलाह ले सकते हैं, वहीं नोटिस, वसूली और अनुबंध विवाद जैसे सिविल मामलों में भी उन्हें सहायता मिल रही है. इसके अतिरिक्त, श्रम कानूनों के तहत वेतन और सेवा शर्तों से जुड़ी समस्याएं, उपभोक्ता संरक्षण के तहत धोखाधड़ी या खराब उत्पाद की शिकायतें, और सामाजिक कल्याण योजनाओं जैसे पेंशन व राशन से जुड़े अधिकारों के लिए भी ग्रामीण अब सीधे वकीलों से जुड़ सकते हैं. इतना ही नहीं, किरायेदारी विवादों और कानूनी दस्तावेजों की ड्राफ्टिंग, जैसे नोटिस या शपथ पत्र बनवाने में भी यह योजना मददगार साबित हो रही है.

योजना के जमीनी क्रियान्वयन में कॉमन सर्विस सेंटर के ग्राम स्तरीय उद्यमियों की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है. सीएससी मैनेजर प्रदीप कुमार ने बताया कि इस पहल का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में एक सरल, सुरक्षित और भरोसेमंद कानूनी सहायता तंत्र विकसित करना है. उन्होंने बताया कि वीएलई नागरिकों का पोर्टल पर पंजीकरण करते हैं और वकीलों के साथ ऑनलाइन परामर्श की समय-सारणी तय कर ग्रामीणों का मार्गदर्शन करते हैं. उन्होंने क्षेत्र के सभी वीएलई से अपील की है कि वे ष्एक कॉल दृ एक समाधानष् के मंत्र को सार्थक करते हुए अधिक से अधिक नागरिकों को इस योजना से जोड़ें, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की समान पहुँच सुनिश्चित की जा सके. प्रशासन ने भी नागरिकों से आह्वान किया है कि वे अपनी किसी भी कानूनी समस्या के लिए अपने नजदीकी सीएससी केंद्र से संपर्क कर इस सुविधा का लाभ उठाएं.

बस्तर में आगामी जनगणना की तैयारियां शुरू 

जगदलपुर. जिले में आगामी जनगणना 2026-27 के मद्देनजर प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. इसी कड़ी में जिले में जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को दायित्व सौंपे गए हैं. जनगणना अधिनियम 1948 और राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचना के तहत उक्त दायित्व सम्बन्धी नियुक्तियां की गई हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू होंगी.

संभाग और जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में यह महाअभियान चलाया जाएगा. बस्तर संभाग के संभागायुक्त डोमन सिंह को संभागीय जनगणना अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि बस्तर जिले के कलेक्टर हरिस एस. प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी के रूप में कमान संभालेंगे. इनके सहयोग के लिए अपर कलेक्टर चंद्रिका प्रसाद बघेल और डिप्टी कलेक्टर हीरा गवर्ना को जिला जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है, वहीं योजना एवं सांख्यिकी विभाग के उप संचालक सुरेश चन्द्र सिंह अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी का दायित्व निभाएंगे. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनगणना के सूक्ष्म नियोजन और क्रियान्वयन के लिए अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को जिम्मेदारी दी गई है. जगदलपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र की जिम्मेदारी नगर आयुक्त प्रवीण वर्मा को सौंपी गई है, जिन्हें नगर चार्ज जनगणना अधिकारी बनाया गया है. इसी प्रकार राजस्व अनुविभाग स्तर पर जगदलपुर अनुविभाग हेतु ऋषिकेश तिवारी, तोकापाल अनुविभाग हेतु शंकर लाल सिन्हा, बस्तर अनुविभाग हेतु गगन शर्मा, लोहण्डीगुड़ा अनुविभाग हेतु नीतीश वर्मा और बकावण्ड अनुविभाग हेतु मनीष कुमार वर्मा को अनुविभागीय जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है.

जिला प्रशासन ने ग्रामीण अंचलों में जनगणना कार्य की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए सभी तहसीलदारों को चार्ज जनगणना अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है. इसमें जगदलपुर तहसीलदार राहुल गुप्ता, नानगुर तहसीलदार दीपिका देहारी, तोकापाल तहसीलदार मती यशोदा केतारप, बस्तर तहसीलदार जॉली जेम्स और भानपुरी तहसीलदार जीवेश कुमार शोरी, लोहण्डीगुड़ा तहसीलदार कैलाश पोयाम, बकावण्ड तहसीलदार मती जागेश्वरी गावड़े, दरभा तहसीलदार सुनील कुमार ध्रुव, बास्तानार तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा और करपावण्ड तहसीलदार गौतम गौरे को भी उनके राजस्व क्षेत्राधिकार के भीतर जनगणना का प्रभारी बनाया गया है. नगर पंचायत बस्तर के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी तरून पाल लहरे को नगर चार्ज जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है.