जगदलपुर। चैत्र नवरात्र और रामनवमी की तैयारियों के बीच शहर पूरी तरह भगवामय नजर आ रहा है। मुख्य मार्गों और गलियों को ध्वज, तोरण और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। इस बार रामनवमी शोभायात्रा को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की जा रही है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

शोभायात्रा में भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की आकर्षक झांकियां सजाई जाएंगी, वहीं बस्तर का पारंपरिक लोकनृत्य भी प्रमुख आकर्षण रहेगा, जो स्थानीय संस्कृति और आस्था का सुंदर संगम प्रस्तुत करेगा। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर भव्य स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठन मिलकर आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं।

आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता को मजबूत करना है। इसके लिए समिति के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं, ताकि हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

ईद पर बस्तर में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब

बस्तर। रमजान के पूरे महीने रोजे और इबादत के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार बस्तर में उत्साह और अकीदत के साथ मनाया गया। जगदलपुर के ईदगाह मैदान में सुबह से ही नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी, जहां हजारों लोगों ने एक साथ नमाज अदा कर देश और प्रदेश की खुशहाली की दुआ मांगी।

नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और अमन-भाईचारे का संदेश दिया। जकात और फितरा के माध्यम से जरूरतमंदों की मदद की परंपरा भी निभाई गई। घरों में सेवइयों और पकवानों की खुशबू के बीच त्योहार की रौनक देखने को मिली।

खास बात यह रही कि विभिन्न समुदायों के लोग भी एक-दूसरे के त्योहार में शामिल हुए, जिससे बस्तर की गंगा-जमुनी तहजीब की झलक साफ नजर आई। सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन के पुख्ता इंतजामों के बीच पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

खरीदी पूरी, उठाव अधूरा: केंद्रों में सड़ते धान ने बढ़ाई किसानों की चिंता

बस्तर। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 31 जनवरी को भले ही पूरी हो गई हो, लेकिन उठाव की रफ्तार अब भी बेहद धीमी है। खरीदी के 49 दिन बाद भी बड़ी मात्रा में धान उपार्जन केंद्रों में ही पड़ा हुआ है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 40,667 किसानों से 2,81,742 टन धान खरीदा गया, लेकिन अब तक केवल 95,592 टन का ही उठाव हो पाया है। शेष 1.86 लाख टन से अधिक धान खुले में पड़ा है, जिससे खराब होने का खतरा बढ़ गया है। बेमौसम बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

केंद्र प्रभारियों को नमी, वजन में कमी, चोरी और चूहों-दीमक से नुकसान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मिलर्स और परिवहन व्यवस्था की धीमी गति पर भी सवाल उठ रहे हैं। समय पर उठाव नहीं होने से किसानों और जिम्मेदार कर्मचारियों दोनों की चिंता बढ़ती जा रही है।

घरेलू गैस की कालाबाजारी पर प्रशासन की कार्रवाई जारी

भानपुरी। जिले में एलपीजी गैस की किल्लत के बीच कालाबाजारी की शिकायतों पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए छापेमारी की। कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने भानपुरी और आसपास के क्षेत्रों में होटल व चाय दुकानों का औचक निरीक्षण किया, जहां घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध व्यावसायिक उपयोग सामने आया।

कार्रवाई के दौरान कुल 11 सिलेंडर जब्त किए गए। जांच में पाया गया कि सस्ते घरेलू सिलेंडरों का उपयोग मुनाफा कमाने के लिए किया जा रहा था और सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की जा रही थी।

कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जब्त सिलेंडरों को राजसात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने के लिए इस अभियान को आगे भी तेज किया जाएगा।

जंगल बना तस्करी का रास्ता: ग्रामीणों की सतर्कता से बची दर्जनों मवेशियों की जान

कोंडागांव। जिले में जंगल के रास्तों से मवेशी तस्करी का मामला सामने आया है। बंडापाल के पास ग्रामीणों ने संदिग्ध लोगों को रोककर पूछताछ की, जहां बड़ी संख्या में गाय-बैल दूसरे राज्यों की ओर ले जाए जा रहे थे। दस्तावेज मांगने पर कोई वैध कागज नहीं दिखाया गया, जिससे तस्करी की आशंका और गहरा गई।

ग्रामीणों का कहना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है और तस्कर मुख्य मार्ग छोड़ जंगल के रास्तों का उपयोग करते हैं। अंतागढ़ समेत कई गांवों से होकर यह रूट तैयार किया गया है, जहां से मवेशियों को आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र तक पहुंचाया जाता है।

रात होने के कारण ग्रामीणों ने मवेशियों को गांव में सुरक्षित रखा। पुलिस को सूचना देने के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों की सतर्कता से तस्करी की एक बड़ी कोशिश नाकाम हो गई, वहीं प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

डिग्री है, अवसर नहीं: एमएड के लिए भटकते बस्तर के छात्र

बस्तर। जगदलपुर स्थित विश्वविद्यालय में बीएड की पढ़ाई लंबे समय से संचालित हो रही है, लेकिन एमएड कोर्स की सुविधा अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इसके कारण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए रायपुर, भिलाई या अन्य राज्यों का रुख करना पड़ रहा है, जो उनके लिए मजबूरी बन गया है।

लंबी दूरी तय करने और बढ़ते खर्च के कारण छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो जाती है। कई छात्र आर्थिक तंगी के चलते पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को मजबूर हैं। सुदूर क्षेत्रों के विद्यार्थियों को 600 से 700 किलोमीटर तक सफर करना पड़ता है, जिससे मानसिक और शारीरिक दबाव भी बढ़ रहा है।

छात्र संगठनों ने स्थानीय स्तर पर एमएड कोर्स शुरू करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि संसाधन होने के बावजूद कोर्स का संचालन नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि यह कोर्स शुरू किया जाता है, तो पूरे संभाग के छात्रों को लाभ मिलेगा और शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव संभव होगा। अब इस मुद्दे पर प्रशासन के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।

बदला मौसम, बढ़ी मुश्किलें: अस्पतालों में भीड़, खेतों में नुकसान की मार

बस्तर। जिले में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बारिश और ओलावृष्टि से जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर नई परेशानियां भी खड़ी हो गई हैं।

अस्पतालों में सर्दी, खांसी और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले एक सप्ताह में मरीजों में 20 से 30 प्रतिशत तक इजाफा दर्ज किया गया है, जिसमें बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक असर देखा जा रहा है। अस्पतालों में लंबी कतारें लग रही हैं। वहीं किसानों के लिए यह मौसम चिंता का कारण बन गया है। आम के छोटे फल झड़ने लगे हैं, सब्जियों में सड़न और रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। महुआ संग्रहण भी प्रभावित हुआ है, जिससे ग्रामीणों की आय पर असर पड़ रहा है।

इस तरह मौसम का यह बदलाव राहत के साथ-साथ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।

महंगाई पर सियासी वार: ‘सिलेंडर शव यात्रा’ से सड़क पर उतरी नाराजगी

सुकमा। छिंदगढ़ ब्लॉक में बढ़ती महंगाई और गैस सिलेंडर की कीमतों के विरोध में आम आदमी पार्टी ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए ‘सिलेंडर शव यात्रा’ निकाली। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए विरोध जताया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्म नजर आया।

यह कार्यक्रम प्रदेश स्तर के निर्देश पर आयोजित किया गया था। इसी दौरान पाकेला पंचायत में पार्टी को नई मजबूती मिली, जहां वरिष्ठ नेता श्रीराम ठाकुर अपने समर्थकों के साथ पार्टी में शामिल हुए और उन्हें संगठन में जिम्मेदारी भी सौंपी गई।

पार्टी नेताओं ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में महंगाई के मुद्दे पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है और यह विरोध आगे और बड़ा रूप ले सकता है।

एक लापरवाही, दो मौतें: स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

सुकमा। गादीरास स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान महिला और नवजात की मौत के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

जानकारी के अनुसार प्रसव पीड़ा होने पर महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन हालत गंभीर होने के बावजूद समय पर रेफर नहीं किया गया। परिजन लगातार जिला अस्पताल ले जाने की मांग करते रहे, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इस पर ध्यान नहीं दिया। आरोप है कि इलाज में लापरवाही के चलते मां और नवजात दोनों की मौत हो गई।

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की न्यायिक जांच की मांग की गई है। डॉक्टरों और स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं लोगों का कहना है कि अस्पताल पर भरोसा कमजोर पड़ता जा रहा है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। यह घटना जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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