Bastar News Update : बीजापुर. बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा से लगे तर्रेम गांव में विकास के दावे ज़मीन पर दम तोड़ते दिख रहे हैं. सड़क, बिजली, पानी और चारों ओर सुरक्षा कैंप होने के बावजूद ग्रामीण रात अपने घरों में नहीं बिता पा रहे. शाम ढलते ही 18 से 20 ग्रामीण गांव छोड़कर थाने के सामने सरकारी आवास में शरण लेने को मजबूर हैं. डोडीपारा, डुमनपारा और सरपंच पारा के लोग अब भी नक्सली दहशत में जी रहे हैं. एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या ने डर को और गहरा कर दिया है. अगस्त 2025 में अतिथि शिक्षक की हत्या के बाद हालात और बिगड़े. शिक्षक के दोनों भाई गांव छोड़ दंतेवाड़ा में शरण लेने को मजबूर हुए. ग्रामीणों का आरोप है कि रात में नक्सली गांव पहुंचकर युवाओं और जनप्रतिनिधियों की तलाश करते हैं. निर्माण कार्य में लगे मजदूर भी रात थाने के सामने काट रहे हैं. राज्य मार्ग और सुरक्षा ढांचे के बावजूद भरोसा नहीं बन सका. पुलिस मानती है कि घटनाओं में कमी आई है, लेकिन ग्रामीणों के लिए रात अब भी सबसे बड़ा सवाल बनी हुई है.

बस्तर – वर्दी पर सवाल, तिरंगे का अपमान

गणतंत्र दिवस पर करपावंड थाना पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बन गया. थाना परिसर में राष्ट्रध्वज उल्टा फहराया गया और घंटों तक किसी ने सुध नहीं ली. देशभक्ति और जनसेवा की शपथ लेने वाली पुलिस की गंभीर लापरवाही उजागर हुई. यह घटना केवल चूक नहीं बल्कि जिम्मेदारी से पलायन मानी जा रही है. स्थानीय लोगों में इस अपमान को लेकर भारी नाराजगी देखी गई. थानेदार और स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगे हैं. आरोप है कि क्षेत्र में जुआ, अवैध शराब और नशे का कारोबार खुलेआम चलता है. अब तिरंगे के अपमान ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. गणतंत्र दिवस जैसे पावन अवसर पर संवेदनशीलता का अभाव दिखा. काफी देर बाद भी झंडे को ससम्मान सीधा नहीं किया गया. लोग पूछ रहे हैं क्या यही देशभक्ति है? और क्या जिम्मेदार अफसरों पर सख्त कार्रवाई होगी?

बस्तर – आस्था से सजी शहर की पहचान

बस्तर की धार्मिक पहचान को नया आयाम मिला जब श्री बालाजी मंदिर का रजत जयंती महोत्सव शुरू हुआ. भगवान वेंकटेश्वर स्वामी नौ विशेष वाहनों में नगर भ्रमण पर निकले. आंध्र प्रदेश के सुगंधित फूलों से सजे रथ आकर्षण का केंद्र बने. हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी से शहर ‘मिनी तिरुपति’ में बदल गया. विशाखापटनम के कलाकारों ने दशावतार और अष्टलक्ष्मी की झांकियां प्रस्तुत कीं. डांडिया, कुचीपुड़ी और लोकनृत्यों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया. महिलाओं की कलश यात्रा ने आयोजन को विशेष पहचान दी. 2000 से अधिक लक्ष्मी कलश श्रद्धा का प्रतीक बने. शहरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया. 29 जनवरी को स्वर्ण कलश से अभिषेक ऐतिहासिक क्षण होगा. यह आयोजन बस्तर की सांस्कृतिक एकता को दर्शाता है. धर्म, परंपरा और उत्सव ने पूरे शहर को जोड़ दिया.

बस्तर – गांजे के साथ महिला तस्कर गिरफ्तार

गणतंत्र दिवस के दिन नगरनार पुलिस ने नशे के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया. ओडिशा से रायपुर गांजा ले जा रही महिला तस्कर गिरफ्तार की गई. एनएच-63 पर बस का इंतजार कर रही महिला पर पुलिस की नजर पड़ी. तलाशी में बैग से 4.667 किलो गांजा बरामद हुआ. जब्त माल की कीमत 2.33 लाख रुपये से अधिक आंकी गई. आरोपी की पहचान सुमन पाल, निवासी कानपुर के रूप में हुई. पूछताछ में ओडिशा से सप्लाई की पुष्टि हुई. पुलिस ने दो मोबाइल और नकद राशि भी जब्त की. महिला ने भागने की कोशिश की लेकिन घेराबंदी में पकड़ी गई. एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजा गया. पुलिस ने सीमा क्षेत्रों में निगरानी और सख्त करने की बात कही. यह कार्रवाई नशे के खिलाफ अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है.

सुकमा – जश्न के बीच किसानों का संघर्ष

गणतंत्र दिवस पर जहां सुकमा उत्सव में डूबा था, वहीं जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश कुंजाम अनशन पर बैठे थे. घड़ी टावर के नीचे किसानों की आवाज़ बुलंद की गई. धान खरीदी में अनियमितताओं को लेकर प्रशासन पर सवाल उठे. कुंजाम ने बताया कि हजारों किसानों को अब तक टोकन नहीं मिला. कई पंजीकृत किसानों के नाम खरीदी सूची से गायब हैं. धान की तौल में अनुचित कटौती का आरोप भी लगाया गया. तीन मांगें प्रशासन के सामने रखी गईं. संपूर्ण धान खरीदी, तत्काल टोकन और कटौती पर रोक. किसानों ने विरोध स्वरूप मुख्य समारोह से दूरी बनाई. अनशन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया गया. यह विरोध किसानों की बढ़ती पीड़ा को उजागर करता है.