Bastar News Update : बस्तर. जिले के तोकापाल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कुमारमारेंगा क्षेत्र में बाघ की लगातार चहल-कदमी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. बाघ द्वारा एक गाय को शिकार बनाए जाने की पुष्टि के बाद खतरे की आशंका और गहरा गई है. यह तोकापाल क्षेत्र में बाघ द्वारा गौवंशीय पशु के शिकार की पहली दर्ज घटना मानी जा रही है. घटना मारेंगा बीट की बताई जा रही है, जहां रात के समय जंगल से लगे क्षेत्र में हमला हुआ. इससे पहले ग्राम खंडियापाल में बाघ के ताज़ा पदचिन्ह मिलने के बाद निगरानी बढ़ा दी गई थी. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पगचिन्हों के आधार पर जांच शुरू की. वन विभाग का मानना है कि बाघ ने मवेशी को मारकर खाया है. घटना से किसानों और पशुपालकों में भय व्याप्त है. वन विभाग ने प्रभावित परिवार को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले जंगल न जाने की सलाह दी गई है. टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही है. स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है.

बस्तर – रफ्तार का कहर, दुर्घटना चौक बनता जा रहा बेड़ागुड़ा मोड़

बेड़ागुड़ा गुण्डाधुर चौक पर फिर तेज रफ्तार वाहन का कहर देखने को मिला है. कार और स्कूटी की टक्कर हो गई. हादसे में स्कूटी सवार युवक का पैर टूट गया. घटना बाजार जाने वाले व्यस्त मार्ग पर हुई, जहां भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है. स्थानीय ग्रामीणों ने घायल को तत्काल 112 की मदद से अस्पताल पहुंचाया. हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात बहाल कराया. ग्रामीणों का कहना है कि यह चौक लंबे समय से दुर्घटनाओं का केंद्र बना हुआ है. पूर्व में यहां महिला की जान जा चुकी है और एक स्कूली बच्ची घायल हो चुकी है. हाइवे निर्माण के दौरान ब्रेकर हटने से वाहन बेलगाम हो गए हैं. चौक के समीप स्कूल होने से बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बना रहता है. सुबह और शाम के समय यहां भारी भीड़ रहती है. ग्रामीणों ने ब्रेकर और चेतावनी संकेत लगाने की मांग दोहराई है. प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है.

दंतेवाड़ा – पीड़िता को धमकाने की साजिश, पुलिस ने दिखाई सख्ती

मानसिक रूप से कमजोर महिला से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है. मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया. आरोपी के पिता के खिलाफ भी पृथक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है. मामला घर में घुसकर जबरन छेड़छाड़ और कपड़े उतारने की कोशिश से जुड़ा है. पीड़िता पक्ष द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस हरकत में आई. जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने पीड़ित परिवार को धमकाया भी था. इसी आधार पर अलग से अपराध दर्ज किया गया. पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों को जेल भेजा गया. पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी. पीड़ित को सुरक्षा और न्याय दिलाना प्राथमिकता है. मामले की आगे की जांच जारी है.

बस्तर जिला – अवैध धान रिसाइक्लिंग का भंडाफोड़

बकावंड विकासखंड के ग्राम मूली में अवैध धान रिसाइक्लिंग का बड़ा मामला सामने आया है. प्रशासन की संयुक्त टीम ने एक राइस मिल पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया. निरीक्षण के दौरान हजारों क्विंटल धान और चावल बरामद किए गए. कांटा पंजी में गड़बड़ी पाए जाने से अवैध गतिविधि की पुष्टि हुई. वाहन के तौल पत्रक से नियम उल्लंघन सामने आया. प्राथमिक जांच के आधार पर धान और चावल जब्त किए गए. मिल परिसर को अग्रिम जांच तक सील कर दिया गया है. मौके पर मिल का पार्टनर भी मौजूद पाया गया. संबंधित वाहन को भी जब्त किया गया है. मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जांच पूरी होने पर आगे की कार्रवाई होगी.

नारायणपुर जिला – भरोसे का कत्ल, नाबालिग से दरिंदगी के बाद हत्या

थाना सोनपुर क्षेत्र में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के बाद हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ में उसने अपराध कबूल किया है. पुलिस के अनुसार आरोपी पीड़िता को पहले से जानता था. इसी जान-पहचान का फायदा उठाकर उसने वारदात को अंजाम दिया. धारदार हथियार से हत्या की पुष्टि हुई है. घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है. पुलिस ने वैज्ञानिक पद्धति से जांच शुरू की. एफएसएल टीम ने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से अपराध की पुष्टि हुई. पीड़िता 31 दिसंबर से लापता थी. 4 जनवरी को शव मिलने के बाद मामला उजागर हुआ. पुलिस ने कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है.

सुकमा – पुलिस ने लौटाए 112 खोए मोबाइल

सुकमा पुलिस ने साइबर सेल की मदद से बड़ी सफलता हासिल की है. जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से खोए 112 मोबाइल बरामद किए गए. बरामद मोबाइलों की कीमत करीब सोलह लाख पचास हजार रुपये आंकी गई है. मोबाइल चार से अधिक राज्यों से ट्रेस किए गए. सीईआईआर पोर्टल और आईएमईआई तकनीक का उपयोग किया गया. पुलिस ने सुनियोजित तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया. एसपी कार्यालय में मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए. मोबाइल पाकर नागरिकों के चेहरे पर खुशी दिखी. लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की. अभियान में साइबर सेल टीम की अहम भूमिका रही. पुलिस ने आगे भी ऐसे अभियान जारी रखने की बात कही है. तकनीक के बेहतर उपयोग का यह उदाहरण बना है.

बस्तर – संस्कार से निर्माण, शिक्षा को मूल आधार बनाने की पहल

लोहंडीगुड़ा के गढ़िया में पांच दिवसीय संस्कार शिक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में आचार्यों को शिक्षा की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया गया. वर्तमान सामाजिक चुनौतियों पर गहन चर्चा की गई. संस्कार शिक्षा को जीवन का आधार बताया गया. प्रशिक्षकों ने व्यवहारिक उदाहरणों के साथ मार्गदर्शन दिया. आचार्यों ने प्रशिक्षण को अपने क्षेत्रों में लागू करने का संकल्प लिया. कार्यक्रम में सामाजिक और शैक्षणिक विषयों पर मंथन हुआ. समापन समारोह में अतिथियों ने प्रतिभागियों को प्रेरित किया. बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया गया. राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका रेखांकित की गई. प्रशिक्षण को सकारात्मक पहल बताया गया. आगे भी ऐसे आयोजनों की आवश्यकता जताई गई.

सुकमा – कागजों में शिक्षा का अधिकार, जमीनी स्तर पर झोपड़ी का स्कूल

कोंटा ब्लॉक में बुनियादी शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट में है. स्वीकृत स्कूल भवन वर्षों से अधूरे पड़े हैं. बच्चे आज भी झोपड़ियों और टीन की छत के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं. कोत्ताचेरू गांव में तीन साल से स्कूल भवन अधूरा है. सिंगारम में प्राइमरी और मिडिल स्कूल एक ही झोपड़ी में संचालित हो रहे हैं. बारिश और गर्मी में पढ़ाई करना बच्चों के लिए चुनौती बन गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य लापरवाही की भेंट चढ़ गया. कई जगह काम स्लैब और खिड़की स्तर पर अटका है. ब्लॉक में 12 से अधिक स्कूल भवन निर्माणाधीन हैं. विभाग ने एक माह में काम पूरा करने का दावा किया है. तब तक वैकल्पिक व्यवस्था से कक्षाएं चल रही हैं. बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है.