Bastar News Update : दंतेवाड़ा। जिले का अबूझमाड़ इलाका सुरक्षा के लिहाज से पहले की तुलना में काफी शांत हुआ है, लेकिन विकास की रफ्तार यहां अब भी बेहद धीमी है। कभी नक्सली गतिविधियों के गढ़ रहे इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से हालात बेहतर जरूर हुए हैं। इसके बावजूद यहां रहने वाली करीब दस हजार से अधिक आदिवासी आबादी आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। कई गांवों में अब तक पक्की सड़क और स्थायी पुल तक नहीं बन पाए हैं। स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहद सीमित हैं और संचार व्यवस्था कमजोर होने के कारण ग्रामीणों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। बरसात के मौसम में स्थिति और ज्यादा कठिन हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा की स्थिति सुधरने के बाद अब सरकार से सबसे बड़ी उम्मीद विकास कार्यों को तेज करने की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सड़क, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाए तो यह क्षेत्र तेजी से मुख्यधारा से जुड़ सकता है।

व्यापारियों के लिए ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य, 31 मार्च तक चेतावनी
कोंडागांव। जिले के फरसगांव नगर पंचायत क्षेत्र में अब बिना ट्रेड लाइसेंस व्यापार करना मुश्किल होने वाला है। प्रशासन ने व्यापारिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। छत्तीसगढ़ व्यापार अनुपालन नियम 2025 लागू होने के बाद अब छोटे गुमटी संचालकों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक सभी के लिए ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है। नगर पंचायत प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि 31 मार्च तक लाइसेंस नहीं लेने वाले व्यापारियों पर 25 से 50 प्रतिशत तक आर्थिक दंड लगाया जाएगा। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देश के तहत नगरीय निकाय क्षेत्र में संचालित हर व्यवसाय को अब नगर पंचायत की अनुज्ञप्ति के दायरे में लाना अनिवार्य है। व्यापारियों की सुविधा के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और राजस्व शाखा के माध्यम से दस्तावेज जमा करने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का कहना है कि समय सीमा के बाद नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर बड़ी कार्रवाई, 8.20 लाख जुर्माना
कांकेर। सड़क हादसों को रोकने के लिए बस्तर जिले में यातायात पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। पिछले 28 दिनों के दौरान पुलिस ने 102 शराबी चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 8 लाख 20 हजार रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला है। इनमें से अधिकांश मामलों में वाहनों को जब्त कर कोर्ट में पेश किया गया है। प्रति चालक 10 से 15 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया गया। यातायात पुलिस ने तेज गति से वाहन चलाने, स्टंटबाजी, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और तीन सवारी बैठाने जैसे मामलों में भी कार्रवाई की है। नाबालिग वाहन चालकों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है और उनके अभिभावकों को बुलाकर समझाइश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि होली जैसे त्योहारों के दौरान हादसों की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
गैस सिलेंडर महंगा होने पर कांग्रेस का प्रदर्शन
जगदलपुर। घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में जगदलपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन के सामने विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। कांग्रेस नेताओं ने घरेलू गैस सिलेंडर में 60 रुपये और व्यावसायिक सिलेंडर में 115 रुपये की बढ़ोतरी को आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया।
नेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि बढ़ी हुई कीमतें वापस नहीं ली गईं तो पार्टी बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी।कार्यकर्ताओं ने कहा कि महंगाई पर नियंत्रण पाने में सरकार पूरी तरह विफल रही है।
बदले मलेरिया के लक्षण, अब दस्त भी हो सकता है संकेत
बस्तर। जिले में मलेरिया को लेकर विशेषज्ञों ने नई चेतावनी जारी की है। अब बुखार के साथ दस्त होना भी मलेरिया का संकेत हो सकता है। मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में आयोजित मलेरिया अपडेट संगोष्ठी में देशभर के विशेषज्ञों ने बताया कि मलेरिया के परजीवी समय के साथ अपनी प्रकृति बदल रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक असिम्प्टोमेटिक मलेरिया यानी बिना स्पष्ट लक्षण वाला मलेरिया सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। ऐसे मामलों में मरीज को बीमारी का पता ही नहीं चलता और समय पर इलाज नहीं मिलने से स्थिति गंभीर हो सकती है।
हालांकि मलेरिया नियंत्रण अभियान के चलते बस्तर जिले में बड़ी सफलता भी मिली है। वर्ष 2017 में जहां हजारों मरीज सामने आए थे, वहीं अब मरीजों की संख्या काफी कम हो गई है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि पिछले वर्ष जिले में मलेरिया से एक भी मौत दर्ज नहीं हुई।
अवैध लकड़ी कटाई पर वन विभाग की कार्रवाई
कोंडागांव। जिले के फरसगांव वन परिक्षेत्र में अवैध लकड़ी कटाई के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई की है। बड़ेडोंगर रेंज के चिंगनार उपपरिक्षेत्र के मिसरी परिसर में तीन लोगों को चोरी-छिपे पेड़ काटते हुए पकड़ा गया। वन विभाग ने आरोपियों के कब्जे से साल की लकड़ी के कई गोले जब्त किए और वन अधिनियम 1927 के तहत मामला दर्ज किया। आरोपियों से क्षतिपूर्ति के रूप में हजारों रुपए की राशि भी वसूली गई और जब्त लकड़ी को काष्ठागार भेज दिया गया। वन विभाग का कहना है कि जंगलों में अवैध कटाई रोकने के लिए लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है। साथ ही लोगों से जंगलों की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की गई है।
जंगल में लगी आग बुझाने पहुंचे दो मासूम, बने मिसाल
बस्तर। जिले के करपावंड रेंज के मोखनगांव के जंगलों में लगी आग के बीच दो मासूम बच्चों ने साहस और जिम्मेदारी की अनोखी मिसाल पेश की है। धनपुर गांव के रहने वाले 8 वर्षीय मुना और 10 वर्षीय तिलक ने जंगल में आग देखी तो घबराने की बजाय तुरंत उसे बुझाने में जुट गए। दोनों बच्चे वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर आग बुझाने में मदद करते रहे। जिस उम्र में बच्चे खेलकूद में व्यस्त रहते हैं, उस उम्र में इन बच्चों ने जंगल और वन्य जीवन की रक्षा के लिए आगे आकर सभी को हैरान कर दिया। वन विभाग के अधिकारियों ने दोनों बच्चों के साहस की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित करने की घोषणा की है। अधिकारियों का कहना है कि जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं बल्कि पर्यावरण और जीवन का आधार हैं, जिनकी रक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है।
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