Bastar News Update : जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे प्रदेश के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है। संभावना जताई जा रही है कि वर्ष 2026 में तापमान औसत से अधिक रह सकता है, जिससे हीट वेव का खतरा बढ़ेगा। इसी को देखते हुए सभी जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। इन केंद्रों में बर्फ पैक, ठंडे तरल पदार्थ और मरीजों के लिए त्वरित शीतलन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने ओआरएस और जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश भी जारी किए हैं। एम्बुलेंस सेवाओं को भी प्री-हॉस्पिटल कूलिंग व्यवस्था के साथ तैयार रहने को कहा गया है।

जनता के लिए एडवाइजरी जारी कर दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचने की सलाह दी गई है। हल्के सूती कपड़े पहनने और शरीर को ढककर रखने की भी अपील की गई है। अधिक प्रोटीन वाले भोजन और बासी खाने से परहेज करने को कहा गया है। गर्मी के मौसम में शराब और कैफीन युक्त पेय पदार्थों से दूरी बनाने की सलाह भी दी गई है। सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थलों पर पेयजल और छाया की व्यवस्था अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही खुले में काम करने वाले श्रमिकों को अतिरिक्त विश्राम देने की बात कही गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाही बरतने वाली संस्थाओं पर कड़ी निगरानी की चेतावनी भी दी है।

घरेलू गैस के दुरुपयोग पर प्रशासन की सर्जिकल स्ट्राइक

बस्तर। शहर में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध इस्तेमाल के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने शहर के कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में एक साथ दबिश दी। बस स्टैंड, शहीद पार्क, धरमपुरा और नगरनार क्षेत्रों में हुई इस कार्रवाई से होटल संचालकों में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान कुल 36 सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें 29 घरेलू और 7 कमर्शियल सिलेंडर शामिल हैं। बस स्टैंड इलाके में कई भोजनालयों और होटलों की रसोई तक टीम ने सीधे जांच की। धरमपुरा के कैलाश होटल से अकेले पांच सिलेंडर बरामद किए गए। नगरनार क्षेत्र के कुछ भोजनालयों से भी नियम विरुद्ध गैस उपयोग पाया गया। खाद्य विभाग ने मौके पर ही पंचनामा बनाकर सिलेंडर जब्त कर लिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में राजस्व की चोरी के साथ सुरक्षा मानकों का भी उल्लंघन होता है। इस कार्रवाई के बाद शहर के कई प्रतिष्ठानों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जंगल की अर्थव्यवस्था पर संकट, बूढ़े हो रहे महुआ के पेड़

बस्तर। बस्तर की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले महुआ के पेड़ अब संकट के दौर से गुजर रहे हैं।
वन क्षेत्रों में मौजूद अधिकांश महुआ वृक्ष 50 से 100 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं। इस बढ़ती उम्र का सीधा असर उत्पादन पर देखने को मिल रहा है। जहां पहले एक पेड़ से करीब 100 किलो तक महुआ मिलता था, अब यह घटकर लगभग 60 किलो रह गया है। वानिकी विशेषज्ञों का कहना है कि बदलता मौसम भी महुआ के पुष्पन चक्र को प्रभावित कर रहा है। असमय बारिश, घटती सर्दी और बढ़ते तापमान से उत्पादन में गिरावट आ रही है। इसके साथ ही फफूंदजनित रोग और जड़ों के सड़न जैसी समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं।

जंगलों में बढ़ता मानवीय हस्तक्षेप प्राकृतिक पुनर्जनन के लिए बड़ी बाधा बन रहा है। पशु चराई और जंगल की आग से नए पौधे पनप नहीं पा रहे हैं। खनन और कृषि विस्तार के कारण पुराने पेड़ों की कटाई भी जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते नए पौधरोपण और वैज्ञानिक प्रबंधन नहीं हुआ तो स्थिति गंभीर हो सकती है। इसका सीधा असर बस्तर की जैव विविधता और ग्रामीण संग्राहकों की आय पर पड़ेगा। महुआ संरक्षण के लिए दीर्घकालिक रणनीति की आवश्यकता बताई जा रही है।

नेशनल लोक अदालत में समझौते से हजारों मामलों का समाधान

बस्तर। जिला न्यायालय परिसर में आयोजित नेशनल लोक अदालत ने बड़ी संख्या में मामलों का समाधान कर राहत दी है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश गोविंद नारायण जांगड़े ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। लोक अदालत के दौरान जिला न्यायालय परिसर में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया गया। अधिवक्ताओं, राजस्व विभाग, नगर निगम, बैंक और अन्य विभागों के सहयोग से मामलों की सुनवाई की गई। कुल 33 हजार से अधिक प्रकरणों को सुनवाई के लिए रखा गया था। इनमें से बड़ी संख्या में मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण किया गया।

जिला न्यायालय में लंबित 809 मामलों में से 453 मामलों का समाधान हुआ। इनमें आपराधिक, पारिवारिक, श्रम और ट्रैफिक चालान से जुड़े मामले शामिल रहे। समझौते के आधार पर करीब 4 करोड़ 84 लाख रुपये की राशि से विवाद सुलझाए गए। राजस्व न्यायालयों में भी 20 खंडपीठों के माध्यम से हजारों मामलों की सुनवाई हुई। प्री-लिटिगेशन मामलों में भी कई प्रकरण आपसी सहमति से समाप्त किए गए। लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित और सरल समाधान प्रदान करना है। इस पहल से न्यायालयों का बोझ कम होने के साथ आम लोगों को भी राहत मिली है।

दलपत दीपोत्सव के सहयोगियों का सम्मान

जगदलपुर। नगर पालिक निगम जगदलपुर द्वारा दलपत दीपोत्सव सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम शहर के टाउन हॉल सभागार में आयोजित हुआ, जहां दीपोत्सव में सहयोग करने वालों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफल प्रतिभागियों को भी पुरस्कार प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने कार्यक्रम में सहभागियों को सम्मान पत्र दिए। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से ही ऐसे बड़े आयोजन संभव हो पाते हैं।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने दलपत सागर की स्वच्छता और संरक्षण को लेकर जागरूकता पर जोर दिया। दीपोत्सव का विषय “एक दीप स्वच्छता के नाम, एक दीप वंदे मातरम के नाम” रखा गया था। इस आयोजन में शहर के विभिन्न समाज और संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पूर्व महापौर और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी शहरवासियों को बधाई दी। महापौर संजय पांडे ने कहा कि नगर निगम का पहला लक्ष्य शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना है। उन्होंने दलपत सागर सफाई अभियान को निरंतर जारी रखने की बात कही। कार्यक्रम में नगर निगम के अधिकारी, स्वच्छताकर्मी और समाजसेवी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
आयोजन के माध्यम से शहर में सामुदायिक सहभागिता का संदेश दिया गया।

बकावंड – अंतर्राज्यीय सीमा पर अवैध रेत खनन पर कार्रवाई

बस्तर। जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर खनिज विभाग ने बकावंड तहसील के तारापुर क्षेत्र में छापामार कार्रवाई की। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा से लगे भस्कली नदी क्षेत्र में की गई। जांच के दौरान नदी से अवैध रूप से रेत निकालने का मामला सामने आया। मौके पर एक पोकलेन मशीन नदी के भीतर खुदाई करते हुए पाई गई। खनिज विभाग की टीम ने तत्काल मशीन को जब्त कर सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में खनिज नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अवैध खनन से नदी के पर्यावरण और प्राकृतिक संतुलन पर खतरा बढ़ रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज संपदा की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी की जाएगी। भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रखने की योजना है। टीम में खनिज विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।