Bastar News Update : जगदलपुर शहर के लालबाग स्थित 440 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी इन दिनों पेट्रोल चोर गिरोह के आतंक से परेशान है। पिछले एक सप्ताह से लगातार दुपहिया वाहनों से पेट्रोल चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे कॉलोनी वासियों में चिंता और आक्रोश दोनों बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि 8 मार्च से यह गिरोह रात होते ही सक्रिय हो जाता है और कॉलोनी के बेसमेंट में खड़ी मोटरसाइकिलों को अपना निशाना बनाता है। चोर बड़ी सफाई से वाहनों के टैंक से पेट्रोल निकालकर फरार हो जाते हैं। 14 मार्च की रात हुई वारदात की पूरी घटना कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में साफ तौर पर तीन युवक बेसमेंट में खड़ी दुपहिया गाड़ियों से पेट्रोल निकालते हुए दिखाई दे रहे हैं। शुरुआत में एक-दो बाइक से पेट्रोल चोरी की घटनाओं को लोगों ने सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन जब लगातार कई वाहनों से पेट्रोल गायब होने लगा तो कॉलोनी में दहशत का माहौल बन गया। लगातार हो रही चोरी से परेशान कॉलोनी वासियों ने आखिरकार मामले की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पेट्रोल चोर गिरोह की पहचान करने और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि कॉलोनी में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि इस तरह की घटनाओं पर जल्द रोक लग सके और लोगों को राहत मिल सके।

गैस बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी का नया जाल
जगदलपुर। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और गैस आपूर्ति बाधित होने की अफवाहों के बीच अब साइबर ठगों ने एलपीजी बुकिंग को नया हथियार बना लिया है। जगदलपुर सहित कई शहरों में लोग गैस बुकिंग के लिए इंटरनेट पर हेल्पलाइन नंबर सर्च करते ही ठगी के जाल में फंस रहे हैं। गूगल और सोशल मीडिया पर फर्जी नंबरों और लिंक को प्रमोट कर ठग लोगों तक पहुंच रहे हैं। “इमरजेंसी गैस डिलीवरी” के नाम से व्हाट्सएप और फेसबुक पर भेजे जा रहे मैसेज दरअसल डिजिटल जाल साबित हो रहे हैं। जल्दबाजी में लोग फर्जी वेबसाइट्स पर अपनी बैंकिंग जानकारी और एडवांस पेमेंट कर देते हैं। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ठग हूबहू असली वेबसाइट जैसी साइट बनाकर लोगों से भुगतान करवा लेते हैं और फिर उनका खाता खाली हो जाता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गैस बुकिंग के लिए केवल आधिकारिक मोबाइल ऐप या अधिकृत एजेंसी नंबर का ही इस्तेमाल करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने या ओटीपी साझा करने से बचें। शक होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है अधिकारियों का कहना है कि थोड़ी सतर्कता ही इस तरह की ऑनलाइन ठगी से बचा सकती है।
कैलाश गुफा की अनदेखी, पर्यटन का खजाना वीरान
बस्तर। बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित कैलाश गुफा अपनी अद्भुत प्राकृतिक संरचना के बावजूद उपेक्षा का शिकार बनी हुई है। करीब 33 साल पहले खोजी गई यह गुफा सुंदरता में कई प्रसिद्ध गुफाओं को टक्कर देती है, लेकिन यहां पर्यटकों की आवाजाही बेहद कम है।कोटमसर गुफा में जहां रोज सैकड़ों पर्यटक पहुंचते हैं, वहीं कैलाश गुफा का गेट अधिकतर समय बंद रहता है। लगभग 250 मीटर लंबी इस गुफा में स्टेलेक्टाइट और स्टेलेग्माइट की अद्भुत संरचनाएं मौजूद हैं, जिन्हें दरबार हॉल, संगीतालय और टेम्पल प्वाइंट जैसे हिस्सों में देखा जा सकता है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहले यहां सड़क, हैंडपंप और पगोडा जैसी सुविधाएं भी बनाई गई थीं। लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव और प्रबंधन की उदासीनता के कारण यह प्राकृतिक धरोहर सैलानियों से दूर हो गई है। बताया जा रहा है कि गुफा में लगी सोलर लाइट भी लगभग 20 वर्षों से बंद पड़ी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर कोटमसर की भीड़ को बांटकर पर्यटकों को कैलाश गुफा की ओर भेजा जाए तो पर्यटन को नया आयाम मिल सकता है। पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि उचित प्रबंधन और प्रचार से कैलाश गुफा बस्तर के पर्यटन मानचित्र पर बड़ी पहचान बना सकती है।
धूड़मारास मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान
नारायणपुर। बस्तर में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने वाले धूड़मारास गांव की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। धूड़मारास के संचालक मानसिंह को हरित शिखर सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया है। रायपुर में आयोजित द्वितीय छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन के दौरान उन्हें यह सम्मान राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष और वनमंत्री के हाथों प्रदान किया गया। सम्मान पत्र में धूड़मारास को सामुदायिक आधारित इको टूरिज्म के एक सफल मॉडल के रूप में बताया गया है। यह मॉडल स्थानीय आजीविका और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने का उदाहरण बन चुका है। गांव में होम-स्टे, नदी साहसिक गतिविधियां और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए पर्यटन को बढ़ावा दिया गया है। इसके साथ ही जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय जनजातीय संस्कृति को भी संरक्षित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मॉडल बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। धूड़मारास की यह उपलब्धि पूरे बस्तर के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।
सुकमा सीमा – वन्यजीव तस्करी का बड़ा खुलासा
सुकमा से लगे ओडिशा के मलकानगिरी जिले में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। वन अधिकारियों ने रात में छापेमारी कर 631 जिंदा कछुए बरामद किए हैं। इस मामले में आंध्रप्रदेश के दो व्यापारियों समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक कछुओं को तस्करी के लिए 38 ट्रे में पैक कर रखा गया था। तस्करों के पास से एक चारपहिया वाहन, दो मोटरसाइकिल और छह मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। वन विभाग का अनुमान है कि अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इन कछुओं की कीमत लाखों रुपये हो सकती है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह ओडिशा और आंध्रप्रदेश के बीच क्रॉस बॉर्डर वन्यजीव तस्करी में शामिल हो सकता है। फिलहाल कछुओं को वन विभाग की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों ने मामले में बड़े नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
प्रतिबंधित पॉलिथीन पर निगम की बड़ी कार्रवाई
जगदलपुर। जगदलपुर में प्रतिबंधित पॉलिथीन के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा ने अचानक संजय मार्केट क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक व्यक्ति स्कूटी से दुकानदारों को प्रतिबंधित पॉलिथीन सप्लाई करते हुए पकड़ा गया। जांच में उसकी पहचान विजय जैन के रूप में हुई। निगम की राजस्व टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में पॉलिथीन जब्त की। आगे की जांच में टीम आरोपी की दुकान तक भी पहुंची जहां से और पॉलिथीन बरामद हुई। कार्रवाई के दौरान कुल करीब 82 किलो प्रतिबंधित पॉलिथीन जब्त की गई। निगम प्रशासन का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पॉलिथीन के उपयोग पर सख्ती जारी रहेगी। व्यापारियों को चेतावनी दी गई है कि प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ट्रैक्टर की टक्कर से तीन छात्र घायल
कोंडागांव। ब्लॉक के सिंगनपुर मार्ग पर एक सड़क हादसे में तीन छात्र घायल हो गए। बताया जा रहा है कि बहीगांव से बेड़मा की ओर जा रहा एक ट्रैक्टर मोड़ पर सामने आ रहे बच्चों को नहीं देख पाया। तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर से तीनों छात्र सड़क पर गिरकर घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी और बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की पहचान यश कुमार शोरी, यामेन यादव और हेमाश यादव के रूप में हुई है। डॉक्टरों के अनुसार सभी छात्रों का उपचार जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। बीईओ सहित कई अधिकारियों ने बच्चों का हालचाल जाना और बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कलेक्टर की पहल से स्कूल पहुंचे दो बच्चे
दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले के दूरस्थ गांवों के दौरे के दौरान प्रशासन का मानवीय चेहरा देखने को मिला। दौरे पर निकले कलेक्टर अमित कुमार की नजर सड़क किनारे महुआ बीन रही एक बच्ची पर पड़ी। कलेक्टर ने काफिला रुकवाकर बच्ची से बातचीत की, जिसने अपना नाम मड़कामी मंगली बताया। बातचीत में सामने आया कि अभाव के कारण वह स्कूल नहीं जा पा रही थी। कलेक्टर सीधे उसके घर पहुंचे और माता-पिता से संवाद कर शिक्षा का महत्व समझाया। समझाइश का असर यह हुआ कि परिजन तुरंत बच्ची को स्कूल भेजने के लिए तैयार हो गए। कलेक्टर ने मौके पर ही बीआरसी को निर्देश देकर मंगली और एक अन्य बालक माड़वी देवा का स्कूल में दाखिला सुनिश्चित करने को कहा। दोनों बच्चों को आवासीय विद्यालय में भर्ती कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। यह पहल दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सैनिक स्कूल परीक्षा में आदिवासी बच्चों की बड़ी सफलता
दंतेवाड़ा। जिले के नन्हे परिंदे प्रशिक्षण केंद्र के छात्रों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र के 20 विद्यार्थियों ने सैनिक विद्यालय चयन परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर जिले का नाम रोशन किया है। इन सभी छात्रों को अब मेडिकल जांच के लिए कॉल मिला है, जो अंतिम चयन की दिशा में अहम चरण माना जा रहा है।
दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र से इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की सफलता को विशेष उपलब्धि माना जा रहा है। प्रशिक्षण केंद्र में विद्यार्थियों को नियमित कोचिंग, अभ्यास परीक्षाएं और विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन दिया जाता है। इससे ग्रामीण बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाता है। जिला प्रशासन ने चयनित छात्रों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी पहलें ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। यह सफलता अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनकर सामने आई है।
भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट से ग्रामीण परेशान
बस्तर। बस्तर में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली कटौती की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। बस्तर और लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक के दर्जनों गांवों में शनिवार रात से बिजली गुल रही। रात करीब 10 बजे बिजली बंद हुई और पूरी रात लोग अंधेरे में गुजारने को मजबूर रहे। बिजली रविवार सुबह जाकर बहाल हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। आरोप है कि सब स्टेशनों और ट्रांसफार्मरों में आए दिन खराबी आ रही है। भीषण गर्मी में बिजली बंद होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गर्मी शुरू होते ही बिजली संकट सामने आ जाता है। लोगों ने समय पर मेंटेनेंस और बेहतर बिजली व्यवस्था की मांग उठाई है।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

