Bastar News Update : दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले में चावल संकट अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। गीदम वेयरहाउस में खराब हुए चावल के बाद पूरे जिले की सप्लाई व्यवस्था चरमरा गई है।

कुआकोंडा वेयरहाउस में मात्र 30 क्विंटल चावल बचा है, जो एक दुकान के लिए भी नाकाफी है कुआकोंडा से सुकमा के कुछ इलाकों में भी सप्लाई जाती है, जिससे दबाव और बढ़ गया है। जिले को हर महीने 90 हजार से एक लाख क्विंटल चावल की जरूरत पड़ती है। खाने योग्य चावल केवल 12 हजार क्विंटल ही शेष है। कई पीडीएस दुकानों में जनवरी का राशन अब तक नहीं पहुंचा। मिलरों द्वारा उठाए गए धान का चावल गोदामों में जमा नहीं हुआ है। यदि सप्ताहभर में स्टॉक नहीं आया, तो फरवरी का राशन भी देरी से मिलेगा। स्थिति बिगड़ने पर गोदामों में ताले तक लगाने पड़े हैं। खाद्य विभाग का दावा है कि आवंटन जल्द आएगा। लेकिन जमीनी हकीकत से हितग्राही चिंतित नजर आ रहे हैं।

घरेलू विवाद बना जानलेवा, डॉक्टरों ने बचाई जिंदगी

सुकमा। सुकमा जिले से सामने आई घटना ने रिश्तों की भयावह तस्वीर पेश की है। घरेलू विवाद में एक युवक ने अपने ही पिता पर तीर से हमला कर दिया। हमले में पिता की जांघ और कलाई में तीर धंस गया। कलाई की नस पर लगातार दबाव से हाथ खराब होने का खतरा था। घायल को गंभीर हालत में जगदलपुर मेडिकल कॉलेज लाया गया। रात दो बजे डॉक्टरों की टीम ने आपात सर्जरी की।

आर्थोपेडिक्स विभाग ने दोनों तीर सुरक्षित बाहर निकाले। समय रहते इलाज नहीं होता तो स्थायी नर्व डैमेज हो सकता था। डॉक्टरों ने संयम और विशेषज्ञता से बड़ा खतरा टाल दिया। अस्पताल प्रशासन ने तत्परता की मिसाल पेश की फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है। यह घटना पारिवारिक हिंसा की गंभीर चेतावनी भी है।

सड़क को साइट बनाने पर निगम सख्त

जगदलपुर। जगदलपुर नगर निगम ने अव्यवस्थित निर्माण पर सख्त रुख अपनाया है। सार्वजनिक सड़क पर निर्माण सामग्री फैलाना क्लीनिक प्रबंधन को भारी पड़ा। निगम ने बंसल क्लीनिक पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। रेती और गिट्टी सड़क पर डालने से यातायात बाधित हो रहा था। नालियों में मलबा भरने से जल निकासी भी ठप हो गई थी।

निरीक्षण में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। स्वच्छता और यातायात दोनों पर असर सामने आया। निगम टीम ने मौके पर कार्रवाई की। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि आगे और सख्ती होगी। सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील की गई। शहर को व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी सबकी है।

आदिवासी विश्राम भवन बना राजनीतिक उलझन

जगदलपुर। आदिवासी समाज की वर्षों पुरानी जरूरत आज भी अधूरी है। जगदलपुर में आदिवासी विश्राम भवन का निर्माण वर्षों से लटका हुआ है। दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों को ठहरने की सुविधा नहीं मिल रही।

साल 2021 में स्वीकृत 4 करोड़ की राशि के बाद भी भवन अधूरा है। भूमि पूजन के बाद निर्माण रोक दिया गया था। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद काम आगे नहीं बढ़ा। समाज का आरोप है कि राजनीतिक हस्तक्षेप बाधा बन रहा है। त्योहारों के समय सबसे ज्यादा परेशानी होती है। सिरहा-पुजारी और समाज के लोग खुले में रुकने को मजबूर हैं। प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की मांग तेज हुई है। आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है। मुद्दा अब सम्मान और सुविधा से जुड़ गया है।

नक्सलमुक्त बस्तर का भरोसा

जगदलपुर। नववर्ष मिलन समारोह में बस्तर के भविष्य की तस्वीर रखी गई। शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए। आईजी ने कहा बस्तर तेजी से नक्सलमुक्त हो रहा है। अब विकास को नई दिशा देने की तैयारी है। कलेक्टर ने मीडिया को विकास का साझेदार बताया। उन्होंने जनहित मुद्दों पर सहयोग की सराहना की। एसपी ने पुलिस-मीडिया समन्वय को मजबूत बताया। कार्यक्रम में सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला। अधिकारियों और पत्रकारों ने संवाद साझा किया। बस्तर में सकारात्मक बदलावों की चर्चा हुई। आगामी कार्ययोजना का संकेत दिया गया।
संदेश साफ है शांति के साथ विकास।

मेले में जुआ, पुलिस की सख्त कार्रवाई

जगदलपुर। कोड़ेनार थाना क्षेत्र के अलवा गांव में पुलिस ने कार्रवाई की। दियारी मेले में जुआ खेले जाने की सूचना पर दबिश दी गई। दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया। हजारों रुपए नगद और जुआ सामग्री जब्त हुई।

ग्रामीण क्षेत्रों में जुए की शिकायतें बढ़ रही थीं। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर अभियान चला। मेले में जुआ खिलाने पर सख्त संदेश दिया गया। आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील की। अवैध गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही। शांति व्यवस्था से समझौता नहीं होगा। अभियान आगे भी जारी रहेगा।

स्कूल बसों पर सख्ती

जगदलपुर। छात्रों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग सख्त हुआ है। जिले के 21 स्कूल बसों पर कार्रवाई की तैयारी है।
नियमों की अनदेखी पर पंजीयन रद्द करने की चेतावनी दी गई। बार-बार नोटिस के बावजूद बसें जांच शिविर में नहीं पहुंचीं। आरटीओ ने स्कूल प्रबंधनों को अंतिम नोटिस जारी किया। मानकों की अनदेखी गंभीर जोखिम बन सकती है। छात्रों की जान से समझौता नहीं किया जाएगा।

नियम पालन अनिवार्य बताया गया है। आगे और बसें भी जांच के दायरे में आएंगी। परिवहन विभाग लगातार निगरानी करेगा। स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय होगी। सुरक्षा सर्वोपरि है।

उपभोक्ता को मिला न्याय

जगदलपुर। जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को राहत देने का आदेश दिया। एक मामले में 6 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति तय की गई। मानसिक पीड़ा के लिए अतिरिक्त 10 हजार देने होंगे। आयोग ने सेवा में कमी को स्वीकार किया। पीड़ित पक्ष को वर्षों से भुगतान नहीं मिल रहा था। संयुक्त खंडपीठ ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। आदेश से उपभोक्ताओं में भरोसा बढ़ा है। बीमा कंपनियों को जवाबदेह ठहराया गया। निर्धारित समय में भुगतान के निर्देश दिए गए। उपभोक्ता अधिकारों की मजबूती का संदेश गया। न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली। मामला मिसाल बना।