Bastar News Update : दंतेवाड़ा. जिले के कटेकल्याण क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने आश्रमों और स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है. पोटाकेबिन आश्रम मोखपाल में अध्ययनरत कक्षा तीसरी की छात्रा की जिला अस्पताल में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि छात्रा को कई दिनों से पैर में दर्द की शिकायत थी, लेकिन आश्रम प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. हालत बिगड़ने पर उसे एक के बाद एक अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों में ले जाया गया. हर जगह प्राथमिक उपचार कर आगे रेफर किया गया, लेकिन समय पर विशेषज्ञ इलाज नहीं मिल सका. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्रा को सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी.

इसके बावजूद जिला अस्पताल में समय पर डॉक्टर को नहीं बुलाया गया. आरोप है कि छात्रा को अस्पताल में अकेला छोड़ दिया गया था. इलाज में देरी आखिरकार जानलेवा साबित हुई. मामले के बाद आश्रम प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका सवालों के घेरे में है. शिक्षा विभाग ने जांच समिति का गठन किया है. जांच रिपोर्ट के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है. इस घटना ने आदिवासी अंचल की शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

दंतेवाड़ा – मौत के बाद जागा विभाग, एक ही आश्रम के 14 बच्चे मलेरिया पॉजिटिव

जिस पोटाकेबिन आश्रम से छात्रा की मौत का मामला सामने आया, वहीं अब 14 बच्चे मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं. घटना के बाद विभागीय अमला हरकत में आया और स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया. स्वास्थ्य जांच में अलग-अलग संस्थाओं में भी मलेरिया के मरीज सामने आए हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संक्रमित बच्चों को दवाइयां दी हैं. लेकिन सवाल यह है कि समय रहते जांच क्यों नहीं हुई.

क्या नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था नहीं थी. आदिवासी इलाकों में आश्रमों की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं. मौत के बाद सक्रिय हुई व्यवस्था ने सिस्टम की पोल खोल दी है. ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की सेहत को लेकर लापरवाही उजागर हुई है.
विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी अब तय होना जरूरी है. जांच समिति की रिपोर्ट से कई राज खुलने की उम्मीद है. यह मामला सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की चेतावनी बन गया है.

बस्तर – धान माफियाओं पर प्रशासन का वार, 22 क्विंटल धान जब्त

बस्तर जिले में अवैध धान परिवहन के खिलाफ प्रशासन का अभियान तेज हो गया है. बकावंड क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 क्विंटल अवैध धान जब्त किया. कार्रवाई के दौरान एक पिकअप वाहन को रोककर जांच की गई. जांच में वाहन चालक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका. इसके बाद धान और वाहन को जब्त कर थाना पुलिस के सुपुर्द किया गया. प्रशासन को पहले से अवैध परिवहन की सूचना मिली थी. एसडीएम के निर्देश पर चेकिंग अभियान चलाया गया. कार्रवाई से बिचौलियों में हड़कंप मच गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी. अवैध खरीदी और भंडारण पर जीरो टॉलरेंस लागू है..स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की सराहना की है. प्रशासन ने आमजन से सहयोग की अपील की है. अभियान आगे भी लगातार जारी रहने की बात कही गई है.

सुकमा – जमानत के बाद धमकी, पीड़ित परिवार का फूटा गुस्सा

सुकमा जिले के भट्टीपारा इलाके में दर्ज एक गंभीर मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है. आरोप है कि आरोपी पक्ष ने जमानत के बाद पीड़ित परिवार को धमकियां दीं. गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया गया. पीड़ित परिवार ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. परिजन देर रात तक कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे. पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समझाइश दी. इसके बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया. कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई. मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठी है. पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है. घटना ने पीड़ित सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं. प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है.

सुकमा जिला – मध्यान्ह भोजन बंद, स्कूल से दूर होते बच्चे

सुकमा जिले के केरलापाल प्राथमिक शाला से शिक्षा व्यवस्था की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. बीते तीन दिनों से स्कूल में मध्यान्ह भोजन नहीं बन रहा है. इसका सीधा असर बच्चों की उपस्थिति पर पड़ा है. 63 दर्ज बच्चों में से केवल 12 बच्चे स्कूल पहुंचे. कई बच्चे खाना न मिलने पर घर लौट गए. प्रधान पाठक प्रशिक्षण पर हैं, वैकल्पिक व्यवस्था की गई है. इसके बावजूद भोजन व्यवस्था ठप है. बच्चों को पानी के लिए भी बाहर जाना पड़ रहा है. ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है. बीईओ ने व्यवस्था सुधारने के निर्देश देने की बात कही है. यह मामला सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत दिखाता है. समय पर समाधान नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ेगा.

दंतेवाड़ा – खराब धान, खराब सिस्टम – पीडीएस पर संकट

गीदम वेयरहाउस से सामने आए मामले ने खाद्य व्यवस्था की पोल खोल दी है. करीब 30 हजार क्विंटल चावल पहले ही खराब हो चुका है. अब 1200 क्विंटल पुराना धान मिलिंग के लिए भेजा जा रहा है. धान बारिश में भीग चुका था और लाल पड़ गया है. गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. आशंका है कि घटिया धान खपाने का खेल फिर दोहराया जा रहा है. क्वालिटी जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं. वेयरहाउस प्रबंधन और मिलर्स की भूमिका संदिग्ध है. पीडीएस सिस्टम पर इसका सीधा असर पड़ा है. कई क्षेत्रों में राशन वितरण प्रभावित हुआ है. लाभार्थियों को समय पर अनाज नहीं मिल पाया. मामला पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल बन गया है.

कोंडागांव – पुलिसकर्मियों पर बस चढ़ाने का प्रयास

कोंडागांव जिले के केशकाल घाटी से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. जाम के दौरान एक बस चालक ने तेज रफ्तार में गलत दिशा से वाहन चलाया. पुलिस ने जब बस रोकने की कोशिश की तो चालक नहीं रुका. आरोप है कि उसने पुलिसकर्मियों पर बस चढ़ाने का प्रयास किया. इसके बाद आरोपी ने गाली-गलौज भी की. पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया. बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज किया गया है. आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है. घटना ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं. प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है. कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यातायात नियमों के पालन की अपील की गई है.