बेगूसराय। जिले में 9 मार्च को हुए चर्चित जमीन कारोबारी वरुण चौधरी हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। सिंघौल थाना क्षेत्र के नागदह मोहल्ले में हुई इस सनसनीखेज वारदात का ताना-बाना देश की राजधानी दिल्ली में बुना गया था। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए तीन मुख्य शूटरों को दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर से दबोच लिया है।

​जमीन का वर्चस्व और दिल्ली कनेक्शन

​पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि हत्या की मुख्य वजह जमीन के कारोबार में एकछत्र राज कायम करना था। नागदह क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम तेजी से फल-फूल रहा था। वरुण चौधरी इस इलाके के एक प्रभावशाली डीलर थे, जो कुख्यात अपराधी रणधीर महतो और उसके सहयोगियों के रास्ते का कांटा बन रहे थे। रणधीर महतो न केवल जमीन पर कब्जा चाहता था, बल्कि आगामी नगर निगम चुनाव लड़ने के लिए उसे मोटी रकम की भी आवश्यकता थी। इसी वर्चस्व की लड़ाई के चलते उसने दिल्ली में बैठकर हत्या की पूरी साजिश रची और अपने गुर्गों को काम पर लगाया।

​तकनीक और सर्विलांस से मिली सफलता

​वारदात के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया। घटना के तुरंत बाद लाइनर रणवीर झा को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिससे शूटरों के बारे में अहम सुराग मिले। तीनों शूटर बिहार से फरार होकर हरियाणा सीमा के पास छिपे थे, जिन्हें विशेष टीम ने छापेमारी कर गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

​हथियार और नई बाइक बरामद

​पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर ललन महतो के घर से जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए दो पिस्टल, एक कट्टा और 14 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। दिलचस्प बात यह है कि हत्या के लिए वारदात से महज एक दिन पहले ही एक नई बाइक खरीदी गई थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।

​पुलिस का अगला कदम

​सदर डीएसपी आनंद कुमार पांडेय ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस हत्याकांड के पीछे एक गहरा आपराधिक नेटवर्क काम कर रहा था। पुलिस अब रणधीर महतो के अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।