अजय शास्त्री। बेगूसराय में अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि अब लोग अपने घर के दरवाजे पर भी सुरक्षित नहीं हैं। ताजी घटना परिहारा थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 15 की है, जहां बेखौफ अपराधियों ने एक युवक का अपहरण कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

​घर के सामने से अपहरण और हत्या

​मृतक की पहचान राजेंद्र साहनी के पुत्र बिरजू साहनी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार बिरजू रात में खाना खाकर घर के बाहर टहल रहा था। तभी आधा दर्जन से अधिक अपराधी वहां पहुंचे और उसे जबरन खींचने लगे। जब बिरजू ने विरोध किया तो अपराधियों ने पहले उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर उसे खींचकर कुछ दूरी पर ले गए जहां उसे गोली मार दी गई। काफी खोजबीन के बाद बिरजू का लहुलुहान शव घर से कुछ दूरी पर बरामद हुआ।

​15 साल पुराना खूनी इतिहास

​इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि 15 साल पहले बिरजू के पिता राजेंद्र साहनी की भी इसी तरह अपराधियों ने हत्या कर दी थी। बिरजू अपने पिता की हत्या का मुख्य गवाह था। परिजनों का मानना है कि गवाही से रोकने या बदला लेने की नीयत से ही अपराधियों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। बिरजू मजदूरी करता था और कुछ दिन पहले ही बेंगलुरु से वापस अपने गांव लौटा था।

​पुलिस की कार्रवाई और जांच

​घटना की सूचना मिलते ही परिहारा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया। थाना अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।