बेगूसराय। शहर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब खेल प्रतिभाएं भी सुरक्षित नहीं हैं। बेगूसराय के नगर थाना क्षेत्र स्थित व्यस्ततम जीडी कॉलेज रोड पर 30 मार्च की दोपहर राष्ट्रीय स्तर के वॉलीबॉल खिलाड़ी गोविंद कुमार (20) को बाइक सवार बदमाशों ने दो गोलियां मार दीं। फिलहाल गोविंद पटना के तारा हॉस्पिटल में जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

​प्रैक्टिस के लिए जा रहे थे, पीछे से मारी गोली

​घटना उस वक्त हुई जब मंझौल पूवारी टोला निवासी सुशील कुमार का पुत्र गोविंद अपनी बाइक की सर्विसिंग कराकर शाम करीब 3:30 बजे प्रैक्टिस के लिए मैदान की ओर जा रहा था। जैसे ही वह ममता होटल के समीप पहुंचा, पीछे से आए एक बाइक पर सवार तीन अपराधियों ने उसे ओवरटेक किया और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोविंद के पीठ और गर्दन में दो गोलियां लगीं, जिससे वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा।

​सीसीटीवी में कैद हुई वारदात

​वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि हमलावरों ने अपनी पहचान छिपाने की पूरी कोशिश की थी। बाइक चला रहे और बीच में बैठे अपराधी ने हेलमेट पहन रखा था, जबकि पीछे बैठे शूटर ने गमछे से चेहरा ढका था। गोली मारने के बाद अपराधी जीडी कॉलेज की ओर फरार हो गए। भागने के दौरान अपराधियों की एक जिंदा गोली सड़क पर भी गिर गई, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।

​शरीर में फंसी हैं दो गोलियां

​शुरुआत में स्थानीय लोगों को लगा कि यह कोई सड़क दुर्घटना है, लेकिन घायल गोविंद ने खुद लोगों को बताया कि उसे गोली लगी है। गंभीर हालत में उसे पहले सदर अस्पताल और फिर प्राथमिक उपचार के बाद पटना रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, एक गोली गोविंद की गर्दन के निचले हिस्से में और दूसरी कमर के बीच फंसी हुई है। उनकी स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और वह आईसीयू (ICU) में विशेषज्ञों की निगरानी में हैं।

​खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने की मुलाकात

​इस दुखद घटना पर बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने पटना के अस्पताल पहुंचकर घायल खिलाड़ी का हाल जाना और डॉक्टरों से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री ने पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर, एसपी मनीष खुद इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, हालांकि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी अपराधी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।